सिटी पोस्ट लाइव : बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर पटना से लेकर दिल्ली तक बीजेपी में बैठकों का दौर जारी है. महाराष्ट्र का फॉर्मूला बिहार में लागू नहीं होगा. बिहार में नीतीश के नेतृत्व में ही एनडीए चुनाव लड़ेगा.चुनाव जीतने के बाद नीतीश की अगुवाई में ही सरकार बनेगी. अगर बीजेपी को अधिक सीट आती है फिर भी नीतीश ही सीएम होंगे.पार्टी मुख्यालय में महासचिवों की बैठक में बिहार चुनाव को लेकर शनिवार को चर्चा हुई. बैठक में साफ कर दिया गया कि लोकसभा में साथ और विधानसभा में अलग-अलग चुनाव लड़ने या फिर कुछ सीटों पर फ्रेंडली फाइट जैसे नरेटिव की कोई संभावना नहीं बननी चाहिए.
लोकसभा में साथ और विधानसभा में अलग-अलग चुनाव लड़ने का नरेटिव लोगों के गले से नहीं उतरता है. शनिवार को हुई पार्टी महासचिवों की बैठक में बिहार के आगामी चुनाव की जब चर्चा हुई तो यह स्पष्ट कर दिया गया कि, किसी भी हाल में यह नरेटिव नहीं बने कि ज्यादा सीट जीतने पर भाजपा का सीएम होगा.बैठक में यह तय किया गया है कि’ नेतृत्व को लेकर अगर कोई सवाल पूछे कि चुनाव बाद क्या नीतीश ही सीएम होंगे तो उत्तर हां में दिया जाए.
पिछले साल 22 दिसंबर को फरीदाबाद में हुई भाजपा कोर कमेटी की बैठक में बिहार विधानसभा चुनाव की रणनीति पर विमर्श हुआ था.उसी बैठक में तय हो गया था कि चुनाव में नीतीश कुमार को ही सीएम चेहरा पेश कर भाजपा और उसके सहयोगी 2025 के चुनावी मैदान में उतरेंगे. सीट बंटवारे के फार्मूले पर भी चर्चा हुई थी. तय हुआ था कि फॉर्मूला 2020 वाला ही रहेगा. कुछ सीटें जरूर अदल-बदल सकती हैं