सिटी पोस्ट लाइव :डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने पथ निर्माण विभाग छोड़ने से पहले उस निर्माण कंपनी एसपी सिंगला को डिबार कर दिया है जिसके ऊपर मंत्री का विभाग बदलवाने में अहम् भूमिका बताई जा रही है.भागलपुर के अगुवानी घाट पुल ध्वस्त मामले में उप-मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने एसपी सिंगला को दोषी माना है और कंपनी को डिबार कर दिया है. इस कार्रवाई के बाद अब कंपनी को अन्य टेंडरों में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी.
विजय सिन्हा ने बताया कि भागलपुर के अगुवानी घाट पुल गिरने के मामले में एसपी सिंगला कंपनी दोषी पाई गई है. दोषी साबित होने के बाद उन्होंने कंपनी पर कार्रवाई करते हुए उसे डिबार कर दिया. साथ ही इंजीनियर पर भी कार्रवाई का आदेश दे दिए थे. विजय सिन्हा ने अपनी विभाग को छोड़ने से पहले ये आदेश दे दिया था.विजय सिन्हा ने बताया कि अगवानी घाट पुल का फाइल देने में खेल किया जा रहा था. कई दिनों तक फाइल नहीं मिला सीएम नीतीश ने भी इस मामले में कार्रवाई का आदेश दे दिया था.
विजय सिन्हा ने साफ किया है कि एसपी सिंगला कंपनी जब तक अगुवानी घाट पुल का निर्माण नहीं करती है, उसे तबतक कोई और टेंडर नहीं मिलेगा. ऐसी चर्चा थी कि विजय सिन्हा एसपी सिंगला कंपनी के ऊपर कार्रवाई कर रहे थे जिसके कारण उनसे पथ निर्माण विभाग छीन लिया गया.गौरतलब है कि ये कंपनी बिहार में अबतक लगभग 30 हजार करोड़ रुपये का काम ले चुकी है.अभी भी इस कंपनी 5 बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है.पुराने गांधी सेतु के समानांतर 3 हजार करोड़ की लगत से 14.5 किलो मीटर लम्बा पूल बना रही है.
मोकामा में गंगा नदी पर 12 00 करोड़ की लगत से पूल बना रही है.अगुवानी पूल 20 24 से बना रही है लेकिन आजतक काम पूरा नहीं हुआ.अबतक यह कंपनी 8 पूल, 3 एलिवेटेड road,2 केबल स्टे-ब्रिज ,लोहियापथ चक्र का निर्माण कर चुकी है.बाबुरा-आरा ब्रिज बना चुकी है.ऐसा लगता है कि बिहार के तमाम बड़े पूल के निर्माण का काम इसी कंपनी के नाम कर दिया गया है.कंपनी के खिलाफ जांच का आदेश खुद मुख्यमंत्री कर चुके हैं.लेकिन फिर भी कंपनी को काम मिलता रहा है.आखिरकार उप-मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने जब कंपनी का लगाम कसना शुरू किया तो उनका विभाग ही बदल गया.लेकिन विभाग बदलने के पहले मंत्री ने कंपनी को दिबार कर दिया है.