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सहरसा: बिहार के सहरसा जिले के सौरबाजार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक प्रसूता द्वारा मृत नवजात को जन्म देने के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। घटना 30 मार्च की है, जब सरिता देवी नामक महिला को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिवार का आरोप है कि अस्पताल कर्मियों की लापरवाही के कारण नवजात की मृत्यु हुई।
परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल की नर्सों की लापरवाही और निजी क्लीनिकों से मिलीभगत के कारण डिलीवरी में देरी की गई, जिससे नवजात की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था पर सवाल उठाए।

अस्पताल प्रशासन की सफाई
वहीं, अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि डिलीवरी के दौरान जटिलताओं के कारण बच्चा मृत पैदा हुआ। अस्पताल कर्मियों का कहना है कि उन्होंने पूरी कोशिश की, लेकिन बच्चे को बचाया नहीं जा सका।

स्वास्थ्य विभाग ने लिया संज्ञान, जांच के आदेश
घटना के बाद सहरसा के सिविल सर्जन डॉ. के.के. मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा, “मामला संज्ञान में आया है। पूरी जांच कराई जाएगी और अगर किसी की लापरवाही पाई जाती है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी।”

सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर बिहार के सरकारी अस्पतालों की बदहाल स्थिति को उजागर करती है। पहले भी कई मामलों में सरकारी अस्पतालों की लापरवाही सामने आ चुकी है, जहां प्रसव में देरी, इलाज में कोताही और सुविधाओं की कमी के कारण नवजातों की मौत होती रही है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने और जिम्मेदार कर्मियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, पीड़ित परिवार ने न्याय की गुहार लगाई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह महज एक चिकित्सकीय जटिलता थी या फिर अस्पताल कर्मियों की लापरवाही का नतीजा।