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पटना। बिहार की राजनीति में उस वक्त हलचल तेज़ हो गई जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद अखिलेश सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के दावेदार तेजस्वी यादव ही होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव जीतने की स्थिति में तेजस्वी को ही मुख्यमंत्री बनाया जाएगा।
राजधानी पटना में मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए अखिलेश सिंह ने न सिर्फ विपक्षी एकता को लेकर बड़ा संदेश दिया, बल्कि बीजेपी और नीतीश कुमार पर भी तीखे हमले किए। “नीतीश कुमार सिर्फ अपनी कुर्सी के लिए पाला बदलते हैं”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा नीतीश कुमार को ‘सत्ता का लोभी’ कहे जाने पर अखिलेश सिंह ने उनका समर्थन करते हुए कहा,
“बिलकुल सही कहा है खड़गे जी ने। नीतीश कुमार महागठबंधन में भी अपनी कुर्सी बचाने आए थे और अब एनडीए में भी वही कर रहे हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार की राजनीति अब जनहित से हटकर केवल सत्ता और कुर्सी बचाने तक सिमट गई है। खाली कुर्सियों पर दी सफाई, धूप को बताया वजह। खड़गे की एक रैली में खाली कुर्सियों को लेकर उठे सवालों को अखिलेश सिंह ने खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा, “ऐसी कोई बात नहीं है। धूप बहुत तेज़ थी, इसलिए लोग इधर-उधर हो गए थे। सभा में कोई उत्साह की कमी नहीं थी।”
दल बदल की अटकलें खारिज, कांग्रेस से पूरी निष्ठा जब उनसे पूछा गया कि क्या वह कांग्रेस से नाराज़ हैं या किसी अन्य दल में जाने की योजना बना रहे हैं, तो अखिलेश सिंह ने दो टूक कहा, “मैं कांग्रेस का साधारण कार्यकर्ता हूं। जो भी जिम्मेदारी पार्टी देगी, मैं उसे पूरी निष्ठा से निभाऊंगा।”
इस बयान के साथ उन्होंने पार्टी में अपनी प्रतिबद्धता और वफादारी को दोहराया।
निशिकांत दुबे को तुरंत माफी मांगनी चाहिए: अखिलेश भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा देश के मुख्य न्यायाधीश पर की गई विवादित टिप्पणी को लेकर अखिलेश सिंह ने कहा, “उन्होंने सामाजिक मर्यादा का उल्लंघन किया है। उन्हें तुरंत माफी मांगनी चाहिए।”
चिराग पासवान की दावेदारी पर भी बोले अखिलेश सिंह जब केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के उस बयान पर सवाल पूछा गया, जिसमें उन्होंने खुद को मुख्यमंत्री पद का दावेदार बताया, तो अखिलेश सिंह ने कहा, “हर किसी को बिहार की चिंता करनी चाहिए। जो भी राज्य की भलाई के लिए काम करना चाहता है, उसे यहां आना चाहिए।”
अखिलेश सिंह के इन बयानों से साफ है कि कांग्रेस अब बिहार में तेजस्वी यादव के नेतृत्व को लेकर पूरी तरह स्पष्ट है। साथ ही, उन्होंने भाजपा और NDA की नीतियों पर सवाल उठाते हुए पार्टी की विपक्षी रणनीति को धार दी है।