कारगिल शहीद रमण झा को भारतीय सेना ने दी श्रद्धांजलि, परिजनों का सम्मान

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव
कारगिल विजय दिवस की 26वीं वर्षगांठ के अवसर पर भारतीय सेना द्वारा चलाए जा रहे ‘घर-घर शहीद सम्मान’ अभियान के तहत, कारगिल युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए शहीद रमण झा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके परिजनों को सम्मानित किया गया।

इस मौके पर सेना के सूबेदार अमिताभ दास के नेतृत्व में एक टीम शहीद के गांव पहुंची। जवानों ने शहीद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके अद्वितीय बलिदान को नमन किया। सूबेदार ने कहा, “रमण झा जैसे वीर सपूतों की बदौलत आज देश सुरक्षित है। उनका नाम इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।”

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गांव में आयोजित इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए। सेना के जवानों ने रमण झा की वीरता की कहानी साझा की, जिससे पूरा माहौल देशभक्ति और गौरव से भर गया।

इस दौरान शहीद के पिता फुल झा ने गर्व से कहा कि उनका बेटा देश के लिए शहीद हुआ, यह उनके लिए सौभाग्य की बात है। हालांकि, उन्होंने सरकार को याद दिलाया कि शहादत के बाद किए गए वादे अब तक अधूरे हैं। उन्होंने बताया कि न तो वादा की गई दो कट्ठा जमीन मिली है और न ही पोते रोहित झा को नौकरी। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इन वादों को जल्द पूरा किया जाए, ताकि शहीद के परिवार को उनका हक मिल सके।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या शहीदों के परिजनों के सम्मान की बात सिर्फ कार्यक्रमों और फूलमालाओं तक सीमित रह गई है? देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले जवानों के परिवारों को समय पर सम्मान और सहायता देना सिर्फ नैतिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय कर्तव्य है।

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