सिटी पोस्ट लाइव :आय से 50 लाख अधिक सम्पति अर्जित करने के आरोपी डीएसपी साहेब तो कुबेरपति निकले. स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) के अनुमान से कहीं अधिक भ्रष्ट निकले.नाश्ते में नोट खाने के आदी हो चुके जहानाबाद के DSP मुख्यालय संजीव कुमार की काली कमाई का हिसाब किताब करने में जांच एजेंसी के अधिकारियों के पसीने छुट रहे हैं.12 साल तक सीएम सिक्यूरिटी में रहनेवाले डीएसपी साहेब ने करोड़ों की चल और अचल संपत्ति बनाई है.
FIR में दर्ज काली कमाई से दोगुनी अधिक सम्पति का खुलासा हो चूका है.जांच अभी जारी है. इनके ठिकानों से बरामद डिटेल के बाद जांच एजेंसी के अधिकारियों के भी होश उड़ गए हैं. संजीव कुमार एक-दो नहीं, बल्कि 10 ट्रकों के मालिक हैं. जिसकी कीमत करोड़ों में है.सभी ट्रकों के पेपर इनकी पत्नी के नाम पर मिले हैं. ट्रकों का प्रमाण छापेमारी के दौरान खगड़िया स्थित इनके ठिकाने से मिला है. ट्रक से किस तरह के ईंधन की सप्लाई हो रही थी, इसकी जानकारी जहानाबाद के ठिकाने से मिली है. पटना के घर से टीम के हाथ 38 लाख रुपए की ज्वेलरी लगी है.SVU के मुताबिक पटना के ICICI बैंक में इनकी पत्नी के नाम पर एक करंट अकाउंट भी है. इसके ट्रांजक्शन की पड़ताल की जा रही है. इसके अलावा संजीव और उनकी पत्नी के नाम से SBI, PNB, Bank of India & IDBI में भी कई अकाउंट्स हैं. जिनकी जांच की जा रही है.
संजीव कुमार का पटना के रामनगरी के सेक्टर-3 में चार मंजिला घर है. इस आलीशान घर की कीमत करोड़ों में है. इन्होंने खगड़िया में भी बड़ी बिल्डिंग खड़ी कर रखी है. जिसमें हॉस्पिटल चलता है.चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि पुलिस की नौकरी करते हुए इनका कनेक्शन भू माफियाओं से था. जब इनकी पोस्टिंग खगड़िया में थी तब इन्होंने भू माफियाओं के माध्यम से कई प्रॉपर्टी खरीदी.जो डॉक्यूमेंट्स SVU के हाथ पटना स्थित घर से लगे हैं, उसके अनुसार खेती वाली जमीन बेगूसराय में इन्होंने 4 जगहों पर खरीद रखी है. जिसकी कीमत साढ़े 23 लाख रुपए है.खगड़िया में 20 लाख रुपए का एक प्लॉट खरीद रखा है. इसी तरह समस्तीपुर में भी इन्होंने 11 लाख रुपए की जमीन खरीद रखी है. इनके पास एक SUV और एक बाइक भी है.
जांच एजेंसी ने दावा किया है कि जहानाबाद में इनके सरकारी आवास से कई आपत्तिजनक डॉक्यूमेंट्स मिले हैं. SVU ने स्पष्ट किया है कि सारे डॉक्यूमेंट्स को केस के ट्रायल के दौरान कोर्ट में पेश किया जाएगा.संजीव कुमार ने सब इंस्पेक्टर से 1994 में बिहार पुलिस में नौकरी की शुरुआत की थी. प्रमोशन मिलने के बाद ये इंस्पेक्टर बने और फिर DSP. 30 साल से अधिक की नौकरी में सरकार से इन्हें सैलरी के रूप में करीब 3 करोड़ 43 लाख 14 हजार रुपए मिले.सरकार को दिए आंकड़ों के अनुसार इसमें इन्होंने 1 करोड़ 89 लाख 10 हजार 48 रुपए खर्च कर संपत्ति बनाई. जबकि, 1 करोड़, 54 लाख, 3 हजार, 952 रुपए सेविंग की.
छापेमारी के दौरान जो खुलासा हुआ, उसके अनुसार संजीव 36 लाख, 46 हजार, 521 रुपए के चल-अचल संपत्ति के मालिक हैं. SVU ने इनके खिलाफ 1 करोड़, 52 लाख, 42 हजार 569 रुपए आय से अधिक का केस दर्ज किया था.इसके बाद कोर्ट से सर्च वारंट हासिल कर पटना, जहानाबाद और खगड़िया में एक साथ छापेमारी की थी. छापेमारी के दौरान डीएसपी संजीव पटना में अपने घर पर मौजूद मिले थे.अभी और कितनी काली कमाई कहाँ छुपा रखी है, जांच जारी है.