तेजप्रताप यादव बढ़ा सकते हैं तेजस्वी की चुनौती,माय समीकरण में सेंधमारी की तैयारी.

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Bihar Chunav 2025

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सिटी पोस्ट लाइव :लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव तीसरा मोर्चा बनाने के बाद लगातार अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर रहे हैं.आरा के शाहपुर के बाद अब उन्होंने घोसी विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है.उन्होंने गांधी यादव को उम्मीदवार घोषित किया है. उन्होंने कहा कि आनेवाले दिनों में उनके गठबंधन में कई दल और उनके संगठन “टीम तेजप्रताप ” में कई नेता शामिल होंगे. तेज प्रताप ने कहा कि गांधी यादव ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ उनकी टीम “टीम तेज प्रताप यादव” को ज्वाइन किया है. उनके मुताबिक, यह तो शुरुआत है, अभी पाइपलाइन में कई और नेता और कार्यकर्ता हैं जो आने वाले दिनों में उनकी टीम का हिस्सा बनने वाले हैं.

जय प्रकाश यादव उर्फ गांधी यादव घोसी विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से स्थानीय राजनीति में सक्रिय हैं और किसान एवं गरीब वर्ग के मुद्दों को उठाते रहे हैं. तेज प्रताप यादव के साथ जुड़ने के बाद उनके समर्थकों में नया उत्साह देखा जा रहा है. घोसी विधानसभा सीट पर गांधी यादव को उम्मीदवार घोषित करना कई मायनों में अहम माना जा रहा है. यह सीट यादव वोट बैंक और महादलित मतदाताओं के प्रभाव वाली मानी जाती है. तेज प्रताप यादव का यह कदम न केवल अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश है, बल्कि अपनी टीम मजबूत करने का एक प्रयास भी है.

तेज प्रताप यादव ने कहा, “गांधी यादव घोसी विधानसभा से चुनाव लड़ेंगे और हमारी टीम को मजबूत करेंगे. हम चाहते हैं कि युवाओं और जनसेवकों को राजनीति में आगे लाया जाए.” उन्होंने यह भी इशारा किया कि आने वाले दिनों में अन्य सीटों पर भी नए चेहरे उतारे जा सकते हैं.राहुल गांधी और तेजस्वी यादव वोट अधिकार यात्रा पर तेज प्रताप ने कहा, “वो राहुल और तेजस्वी जी जाने क्या करेंगे, हमें उससे क्या लेना-देना. हमें तो अपना चुनाव लड़ना है.” उनके इस बयान ने एक बार फिर महागठबंधन की अंदरूनी राजनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं.‘SIR’ पर तेज प्रताप ने कहा, “चुनाव सामने है, तो हमें तो लड़ना ही है. यह क्या मामला है, वो लोग जाने..

सबसे ख़ास बात ये है कि तेजप्रताप की नजर आरजेडी का “माय” समीकरण है.वो यादव समाज को ही टारगेट कर रहे हैं.यादव समाज के वैसे नौजवान जो चुनाव लड़ना चाहते हैं, तेजप्रताप यादव से जुड़ रहे हैं.राजनीतिक पंडितों के अनुसार अगर तेजप्रताप यादव ने 100 से ज्यादा सीटों पर अपना उम्मीदवार खड़ा कर दिया तो तेजस्वी यादव की मुश्किल बढ़ जायेगी.तेजप्रताप यादव का साथ बहले यादव समाज न दे उनके दमदार उम्मीदवार अपने प्रभाव से माय समीकरण में सेंधमारी कर आरजेडी उम्मीदवारों की चेतावनी जरुर बढ़ा सकते हैं.पिछले विधान सभा चुनाव में बेलागंज से अपना उम्मीदवार खड़ा कर तेजप्रताप यादव ने आरजेडी के प्रभावशाली नेता सुरेंद्र यादव को चुनाव हरवा दिया था.

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