बिहार चुनाव की घोषणा जल्द, दुर्गा पूजा के बाद आएगा कार्यक्रम, नवंबर में होगा मतदान

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज़ हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग जल्द ही चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है। संभावना है कि दुर्गा पूजा और दशहरा जैसे प्रमुख त्योहारों के बाद, अक्टूबर के पहले या दूसरे सप्ताह में चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जाएगा। मतदान की प्रक्रिया नवंबर महीने में पूरी की जा सकती है, जबकि मतगणना 15 से 20 नवंबर के बीच होने की उम्मीद है।

तैयारियों का जायजा
चुनाव आयोग ने मतदाताओं की सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम पूरा कर लिया है, जिससे अब चुनाव की अधिसूचना जारी करने का रास्ता साफ हो गया है। आयोग का लक्ष्य है कि 22 नवंबर की समय सीमा से पहले पूरी चुनावी प्रक्रिया संपन्न कर ली जाए। राजनीतिक दलों ने भी अपनी तैयारियां तेज़ कर दी हैं। एनडीए और महागठबंधन दोनों ही खेमों में बैठकों का दौर जारी है और रणनीतियों पर मंथन हो रहा है।

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संभावित मतदान चरण
पिछली बार की तरह, इस बार भी बिहार में मतदान दो से तीन चरणों में कराए जाने की संभावना है। 2020 के चुनाव तीन चरणों में हुए थे। अक्टूबर के महीने में दिवाली और छठ पूजा जैसे बड़े त्योहार होने के कारण, आयोग यह सुनिश्चित करेगा कि मतदान की तारीखें इन त्योहारों से प्रभावित न हों। माना जा रहा है कि मतदान छठ पूजा के बाद ही होगा, ताकि लोगों को कोई असुविधा न हो।

पिछली बार का समीकरण
बिहार की राजनीति हमेशा से दिलचस्प रही है। 2020 के चुनाव में एनडीए ने 125 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया था, जबकि महागठबंधन को 110 सीटों पर संतोष करना पड़ा था। एनडीए के भीतर भाजपा ने 74 सीटें, जदयू ने 43, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा ने 4 और विकासशील इंसान पार्टी ने 4 सीटें जीती थीं। दूसरी ओर, महागठबंधन में राजद सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, जिसने 75 सीटें जीतीं। इसके अलावा, कांग्रेस को 19 और वामदलों को 16 सीटें मिली थीं।

इस बार का मुकाबला
इस बार का मुकाबला और भी कड़ा होने की उम्मीद है। एक तरफ़ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके सहयोगी भाजपा हैं, जो सत्ता बचाने की कोशिश करेंगे। वहीं, दूसरी ओर, तेजस्वी यादव और राहुल गांधी के नेतृत्व वाला महागठबंधन पूरी ताक़त के साथ मैदान में है। दोनों ही गठबंधन अपनी-अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप दे रहे हैं और जनता को लुभाने के लिए कमर कस चुके हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार बिहार की जनता किसे अपना जनादेश देती है।

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