सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को मिली करारी हार के बाद पार्टी में मंथन और विवाद का दौर शुरू हो गया है। सोमवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आवास पर हुई पार्टी की बड़ी बैठक में सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी का बीच में ही बाहर निकल जाना कई अटकलों को जन्म दे गया। दूसरी ओर, लालू परिवार के सदस्य और तेजस्वी के मामा साधु यादव ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है और हार के लिए सीधे तौर पर तेजस्वी यादव को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्हें नेता प्रतिपक्ष के पद से हटाने की मांग कर दी है।
बीच बैठक से निकले लालू-राबड़ी
सोमवार को तेजस्वी यादव के आवास पर आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में हार के कारणों और भविष्य की रणनीति पर चर्चा होनी थी। बैठक में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, सांसद मीसा भारती समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
सूत्रों के अनुसार, करीब चार घंटे चली बैठक के बीच से ही लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी बाहर निकल गए। उनके इस अचानक प्रस्थान को लेकर मीडिया जगत में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, खासकर ऐसे समय में जब लालू परिवार आंतरिक कलह से जूझ रहा है।
बैठक से पहले, लालू प्रसाद का काफिला राबड़ी आवास से निकला था और बताया गया कि वे राजधानी के महुआबाग गए थे, जहां वह अक्सर जाते हैं। मीडिया ने उनसे रोहिणी आचार्य प्रकरण पर सवाल पूछने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। रोहिणी आचार्य के सार्वजनिक बयानों के बाद लालू परिवार में सिर्फ तेज प्रताप यादव ने ही इस पर प्रतिक्रिया दी है, बाकी सभी ने चुप्पी साध रखी है।
मामा साधु यादव का विस्फोटक बयान
एक तरफ जहां RJD ईवीएम और चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के अंदर ही सबसे बड़ा हमला हुआ है। तेजस्वी के मामा साधु यादव ने रोहिणी आचार्य विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए इस कलह का जिम्मेदार सीधे तेजस्वी यादव को बताया है।
साधु यादव ने एक न्यूज़ चैनल से बात करते हुए विस्फोटक बयान दिया। उन्होंने तेजस्वी को तत्काल नेता प्रतिपक्ष के पद से हटाने की मांग करते हुए कहा कि “उनकी (तेजस्वी की) वजह से ही पार्टी की इतनी बड़ी हार हुई है।” उन्होंने यहां तक आरोप लगाया कि लालू प्रसाद और राबड़ी देवी मजबूर हैं और तेजस्वी यादव अपने सलाहकारों संजय यादव और रमीज नेमत के दबाव में काम कर रहे हैं। साधु ने इन दोनों सलाहकारों पर परिवार को बर्बाद करने का गंभीर आरोप लगाया।
इन आरोपों के बावजूद, पार्टी ने विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से तेजस्वी यादव को पुनः RJD विधायक दल का नेता चुन लिया है, जिसका अर्थ है कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वही रहेंगे। हालांकि, साधु यादव के इन सार्वजनिक बयानों ने RJD के आंतरिक मतभेदों को और गहरा कर दिया है और विरोधियों को नया हथियार थमा दिया है।