ठंड को द्यान में रखते हुए पटना नगर निगम ने असहाय व बेघर लोगों के लिए 953 बेड क्षमता वाला रैन बसेरा तैयार कर दिया है। स्थायी, अस्थायी और जर्मन हैंगर मॉडल पर बने इन रैनबसेरों में तीन शिफ्ट में केयरटेकर तैनात किए गए हैं, जबकि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरे और फायर एक्स्टिंगुइशर की व्यवस्था भी की गई है।
दरअसल, हर रैन बसेरा स्थल पर व्यवस्थाओं को सुचारु रखने के लिए एक प्रबंधक की नियुक्ति की गई है, जो प्रतिदिन निगरानी करेंगे। सुरक्षा के मद्देनज़र संबंधित थाने को पत्र भेजकर रात्रि गश्त बढ़ाने का आग्रह भी किया गया है। नगर निगम ने आम लोगों के लिए रैन बसेरा पूरी तरह निःशुल्क रखा है। सभी आश्रय स्थलों पर स्वच्छ पेयजल, शौचालय, मच्छरदानी और पर्याप्त कंबलों जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। रात के समय मुफ्त भोजन भी मिलेगा, जबकि तापमान में और गिरावट होने पर हर व्यक्ति को दो कंबल दिए जाएंगे। वहीं, बसेरा में ठहरने के लिए केवल आधार कार्ड और मोबाइल नंबर भी देना होगा।
हालांकि, महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने शहर के तीन महत्वपूर्ण स्थानों जैसे मौर्या होटल के सामने, पटना सिटी नाला क्षेत्र और बुद्धा स्मृति पार्क के पास विशेष महिला रैन बसेरे भी तैयार किए हैं। इनमें केवल महिलाएं ही ठहर सकेंगी और संचालन के लिए महिला केयरटेकर तैनात की गई हैं। ठंड के मौसम में बेघर और असहाय लोगों को सुरक्षित ठिकाना देने की यह पहल शहर में मानवीय संवेदना और प्रशासनिक तैयारियों का मजबूत संदेश दे रही है।
पटना नगर निगम ने अलग-अलग अंचलों में जरूरत के अनुसार रैन बसेरों की व्यवस्था की है। नूतन राजधानी अंचल में 5 जर्मन हैंगर, 2 स्थायी और 5 अस्थायी आश्रय स्थल बनाए गए हैं। कंकड़बाग अंचल में भी 5 जर्मन हैंगर और 2 स्थायी रैन बसेरे तैयार किए गए हैं, जबकि अस्थायी आश्रय स्थल नहीं है। पाटलिपुत्र अंचल में केवल 1 अस्थायी रैन बसेरा संचालित किया जा रहा है। पटना सिटी अंचल में 2 अस्थायी रैन बसेरों की व्यवस्था है, वहीं अजीमाबाद अंचल में 2 जर्मन हैंगर और 2 स्थायी आश्रय स्थल बनाए गए हैं।