नीतीश कुमार को मिलेगा ‘भारत रत्न’! केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का बड़ा दावा…

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से नवाजे जाने की मांग अब एनडीए (NDA) के भीतर एक साझा सुर बनती दिख रही है। जेडीयू (JDU) के वरिष्ठ नेता के.सी. त्यागी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे गए पत्र के बाद, अब केंद्रीय मंत्री और ‘हम’ (HAM) संरक्षक जीतन राम मांझी ने इस मांग का पुरजोर समर्थन किया है। मांझी ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री मोदी अपने ऐतिहासिक फैसलों की तरह इस बार भी नीतीश कुमार को भारत रत्न देकर सबको चौंका सकते हैं।

सोशल मीडिया पर मांझी का ‘भरोसा’
शनिवार, 10 जनवरी 2026 को केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक महत्वपूर्ण पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा, “भारत रत्न नीतीश कुमार जी… ये शब्द सुनने में कितना अच्छा लगेगा ना। हमें पूर्ण विश्वास है कि अपने फैसले से सबको चौंका देने वाले माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी को भारत रत्न से नवाज़े जाने का फैसला कर एक बार फिर सबको चौंकाएंगे।” मांझी का यह बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि वे स्वयं बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में एनडीए सरकार का हिस्सा हैं।

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के.सी. त्यागी ने उठाई मांग, गिनाए तर्क
इससे पहले, 8 जनवरी 2026 को जेडीयू के दिग्गज नेता के.सी. त्यागी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर नीतीश कुमार को इस सम्मान का सबसे योग्य पात्र बताया था। त्यागी ने अपने पत्र में साल 2024 का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह केंद्र सरकार ने चौधरी चरण सिंह और जननायक कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देकर शोषितों और किसानों का मान बढ़ाया, उसी कड़ी में नीतीश कुमार का नाम भी शामिल होना चाहिए। उन्होंने नीतीश कुमार को “समाजवादी आंदोलन का बचा हुआ अनमोल रत्न” करार दिया।

करोड़ों लोगों की भावना का सम्मान
त्यागी और मांझी, दोनों का तर्क है कि नीतीश कुमार ने अपने दो दशकों के शासनकाल में बिहार को पिछड़ेपन की बेड़ियों से आजाद कराया है। महिला सशक्तिकरण, शराबबंदी, और ‘न्याय के साथ विकास’ जैसे उनके विजन ने करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। के.सी. त्यागी ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया कि इतिहास में कई महापुरुषों को उनके जीवित रहते भी यह सम्मान मिला है, अतः नीतीश कुमार इसके पूर्णतः हकदार हैं।

फिलहाल, इस मांग ने बिहार में सियासी हलचल तेज कर दी है। अब सबकी निगाहें केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) पर टिकी हैं कि क्या आगामी गणतंत्र दिवस या किसी विशेष अवसर पर नीतीश कुमार के नाम की घोषणा होगी।

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