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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मिथिलांचल और उत्तर बिहार के विकास को नई ऊंचाई देने वाला एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। राज्य सरकार ने दरभंगा एयरपोर्ट के समीप कार्गो टर्मिनल, लॉजिस्टिक्स हब और एयरोसिटी के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना से दरभंगा न केवल एक हवाई अड्डा रहेगा, बल्कि पूर्वोत्तर भारत के एक बड़े व्यापारिक केंद्र के रूप में उभरेगा।
138 करोड़ का मुआवजा और 50 एकड़ जमीन
कैबिनेट द्वारा स्वीकृत प्रस्ताव के अनुसार, इस महात्वाकांक्षी परियोजना के लिए कुल 50.04 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। राज्य सरकार ने इसके लिए 138.82 करोड़ रुपये की भारी-भरकम मुआवजा राशि को भी मंजूरी दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भूमि स्वामियों को उचित और समयबद्ध मुआवजा दिया जाएगा ताकि विकास कार्यों में कोई बाधा न आए।
एयरोसिटी और 5-स्टार होटल: बदल जाएगा मिथिला का चेहरा
इस परियोजना का सबसे आकर्षक हिस्सा ‘एयरोसिटी’ का विकास है। यहाँ अंतरराष्ट्रीय मानकों की सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिसमें 5-स्टार होटल, बिजनेस सेंटर और प्रीमियम शॉपिंग कॉम्प्लेक्स शामिल होंगे। राज्यसभा सांसद और जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने इसे साझा करते हुए कहा कि यह कदम मिथिला के उद्योगों और व्यापारिक विस्तार के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
स्थानीय उत्पादों को मिलेगा वैश्विक बाजार
कार्गो हब बनने से मिथिला के मशहूर मखाना, मछली, हस्तशिल्प और कृषि उत्पादों को सीधे देश-विदेश के बाजारों तक तेजी से पहुँचाया जा सकेगा। अभी तक भंडारण और परिवहन की कमी के कारण स्थानीय व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ता था, लेकिन लॉजिस्टिक्स पार्क बनने से माल के सुरक्षित भंडारण और सुचारू ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा उपलब्ध होगी।
रोजगार के हजारों नए अवसर
इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ उत्तर बिहार के युवाओं को मिलेगा। निर्माण कार्य से लेकर एयरोसिटी और कार्गो संचालन तक, हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। पर्यटन क्षेत्र को भी इससे भारी मजबूती मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश दरभंगा को बिहार के ‘कमर्शियल कैपिटल’ की रेस में खड़ा कर देगा।
दरभंगा एयरपोर्ट, जिसने 2020 में अपनी शुरुआत के बाद से ही सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं, अब रनवे विस्तार और इस नए हब के साथ भविष्य में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी पूरी तरह तैयार हो जाएगा।