मोइन-उल-हक स्टेडियम, पटना में रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप के फाइनल में बिहार ने मणिपुर को 568 रनों के विशाल अंतर से हराकर खिताब अपने नाम किया। यह जीत बिहार क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक साबित हुई, क्योंकि इससे टीम अगले सत्र से एलीट डिवीजन में प्रमोशन हासिल कर चुकी है।

मैच पूरी तरह बिहार के नियंत्रण में रहा। पहली पारी में बिहार ने 522 रनों का मजबूत स्कोर बनाया, जिसमें कप्तान सकिबुल गनी (108) और बिपिन सौरभ (143) ने शानदार शतक लगाए। जवाब में मणिपुर 264 रनों पर ऑलआउट हो गई, जिसमें रोनाल्ड लोंगजाम ने 79 रन बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाज नहीं टिक सके। सूरज कश्यप ने 3 विकेट झटके। दूसरी पारी में बिहार ने और दमदार प्रदर्शन किया। ओपनर पियूष सिंह ने नाबाद 216 रनों की शानदार पारी खेली (322 गेंदों पर), जिससे टीम ने 119.3 ओवर में 6 विकेट पर 505 रन बनाकर पारी घोषित कर दी। इस पारी में रघुवेंद्र प्रताप सिंह ने 90, खालिद आलम ने 81 और बिपिन सौरभ ने उपयोगी योगदान दिया। इससे मणिपुर के सामने 764 रनों का असंभव लक्ष्य खड़ा हो गया। वहीं, लक्ष्य का पीछा करते हुए मणिपुर दूसरी पारी में 56.1 ओवर में 195 रन पर सिमट गई। फीरोइजाम जोतिन ने 74 रनों की लड़ाकू पारी खेली, लेकिन बिहार के गेंदबाजों ने पूरी तरह दबदबा बनाए रखा। सूरज कश्यप और हिमांशु सिंह ने 3-3 विकेट लिए, जबकि प्रशांत सिंह ने 2 और आकाश राज ने 1 विकेट चटकाया।

मैच के बाद ट्रॉफी वितरण समारोह में बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) के पदाधिकारी मौजूद रहे। BCA अध्यक्ष हर्षवर्धन ने टीम की अनुशासन, निरंतरता और मानसिक मजबूती की तारीफ की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में जबरदस्त चरित्र दिखाया, जो इस निर्णायक जीत का आधार बना। सचिव जियाउल आरफीन ने इस जीत को बिहार क्रिकेट के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत, कोचिंग स्टाफ (हेड कोच विनायक सामंत, असिस्टेंट कोच संजय कुमार और कुमार मृदुल), टीम मैनेजर नंदन सिंह, फिजियो डॉ. हेमेंदु और S&C कोच गोपाल के योगदान की सराहना की। उन्होंने भविष्य में एलीट ग्रुप में भी इसी स्तर का प्रदर्शन जारी रखने की उम्मीद जताई। इस जीत के साथ बिहार ने न सिर्फ प्लेट ग्रुप का खिताब जीता, बल्कि विजय हजारे ट्रॉफी में भी मणिपुर को हराकर एलीट में जगह बनाई थी। अब टीम एलीट डिवीजन में नई चुनौतियों के लिए तैयार है।