बिहार में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले पैक्स (PACS) चुनावों की रणभेरी बज चुकी है। प्रदेश के 24 जिलों की 436 पैक्स समितियों में चुनावी प्रक्रिया का आगाज होने जा रहा है। निर्वाचन समिति द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, इस बार चुनाव की सबसे खास बात इसकी रफ्तार है। जिस दिन वोटिंग होगी, उसी दिन विजेताओं के नाम का ऐलान भी कर दिया जाएगा।
दरअसल, प्रशासन ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। एक ही दिन में मतदान और परिणाम की व्यवस्था से पारदर्शिता बनी रहेगी और चुनावी प्रक्रिया में तेजी आएगी। प्रबंधन समिति के गठन में सामाजिक समावेश का विशेष ध्यान रखा गया है। कुल सीटों में से निम्नलिखित वर्गों के लिए 2-2 सीटें आरक्षित की गई हैं। इसमें अनुसूचित जाति / जनजाति (SC/ST), पिछड़ा वर्ग (BC) और अति पिछड़ा वर्ग (EBC) शामिल है।
चुनाव का महत्वपूर्ण कार्यक्रम;
नामांकन की शुरुआत: 6 और 7 मार्च
दस्तावेजों की जांच (स्क्रूटनी): 9 और 10 मार्च
नाम वापसी की अंतिम तिथि: 11 मार्च
मतदान एवं मतगणना: 18 मार्च (सुबह 7:00 से शाम 4:30 बजे तक)
जिलों का विवरण और सीटों की संख्या;

पैक्स चुनाव का महत्व;
वित्तीय सहायता: किसानों को खेती के लिए आसान कर्ज उपलब्ध कराना।
संसाधन: खाद, बीज और कृषि उपकरणों की आपूर्ति।
सरकारी योजनाएं: न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अनाज की खरीद और अन्य सरकारी लाभों को धरातल पर उतारना।