जीविका दीदियों के जरिए आत्मनिर्भर बनेगा बिहार: 1.5 करोड़ महिलाओं को मिली अब तक आर्थिक मजबूती…

Ritu Raj

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘महिला रोजगार योजना’ के तहत एक विशाल वित्तीय सहायता जारी की है। मुख्यमंत्री आवास में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान, 25 लाख महिला लाभार्थियों के बैंक खातों में ₹10,000 प्रति महिला की दर से कुल ₹2,500 करोड़ की राशि सीधे ट्रांसफर (DBT) की गई।

हालांकि, इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, मंत्री विजय चौधरी और ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह योजना मुख्य रूप से ‘जीविका’ नेटवर्क के माध्यम से संचालित हो रही है, जिसका लक्ष्य ग्रामीण और शहरी महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बिहार में अब तक 1.5 करोड़ से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ उठा चुकी हैं। सरकार अब इस योजना को अगले स्तर पर ले जाने की तैयारी में है, जहाँ पात्र महिलाओं को ₹2 लाख तक की सहायता दी जाएगी। हालांकि, इस बड़ी राशि के वितरण से पहले पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने सख्त भौतिक सत्यापन का निर्णय लिया है। राज्य के 3,398 वार्डों में विशेष कर्मियों की तैनाती की जाएगी जो आवेदकों के दस्तावेजों और पात्रता की पुष्टि करेंगे। नगर निकायों द्वारा हर आवेदन का ग्राउंड जीरो पर जाकर वेरिफिकेशन किया जाएगा। आवेदन और जांच की इस पूरी प्रक्रिया को 9 चरणों में विभाजित किया गया है। सभी सत्यापित आवेदन 15 मार्च 2026 तक ‘जीविका’ को सौंपने का लक्ष्य रखा गया है।

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योजना का मुख्य प्रभाव;

दरअसल, सरकार का स्पष्ट विजन है कि राज्य के प्रत्येक परिवार की कम से कम एक महिला उद्यमी बने, जिससे न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरे बल्कि बिहार की अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी भी बढ़े।

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