By, Shrikant Pratyush
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औरंगाबाद: करंट से एक युवक की मौत वहीं झुलसी युवती अस्पताल में भर्ती

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बिहार में एक बार फिर से विधुत विभाग के लापरवाही का मामला सामने आया है. बिहार के अधिकतर हिस्सों में लोग रोज मौत से आंख-मिचौली का खेल खेलते हैं. बिजली के तारों को अक्सर आप किसी छत के सटे या फिर दिवार के सटे बिछाया हुआ देखे होंगे. इसी बेतरतीब तरीके से बिछाए गये बिजली के तारों के कारण किसी न किसी की मृत्यु होती है. कुछ ऐसी ही खबर औरंगाबाद जिले से जुड़ी है जहाँ करंट से झुलसकर एक युवक की मौत हो गयी है.

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औरंगाबाद: करंट से एक युवक की मौत वहीं झुलसी युवती अस्पताल में भर्ती

सिटी पोस्ट लाइव- बिहार में एक बार फिर से विधुत विभाग के लापरवाही का मामला सामने आया है. बिहार के अधिकतर हिस्सों में लोग रोज मौत से आंख-मिचौली का खेल खेलते हैं. बिजली के तारों को अक्सर आप किसी छत के सटे या फिर दिवार के सटे बिछाया हुआ देखे होंगे. इसी बेतरतीब तरीके से बिछाए गये बिजली के तारों के कारण किसी न किसी की मृत्यु होती है. कुछ ऐसी ही खबर औरंगाबाद जिले से जुड़ी है जहाँ करंट से झुलसकर एक युवक की मौत हो गयी है. वही इस घटना में एक युवती गंभीर रूप से जख्मी हो गयी है. घटना देव थाना क्षेत्र के कझपा गाँव की है.

परिजनों ने बिजली से झुलसी हुई युवती को तत्काल देव पीएचसी में भर्ती कराया है. जहाँ फिलहाल युवती का इलाज चल रहा है. घटना के सम्बन्ध में बताया जा रहा है कि युवती घर के छत से होकर गुजरनेवाले विधुत तार की चपेट में आ गयी. उसे छुड़ाने के लिए युवक छत पर गया. इसके बाद वह भी विधुत की चपेट में आ गया. इस घटना से युवक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. परिजन बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं.

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कुछ ऐसी ही स्थिती औरंगाबाद जिले के मदनपुर प्रखंड की भी है जहाँ कई बार घरों के छतों से गुजरनेवाले तारों के कारण अक्सर म्रत्यु की खबरे या इससे झुलसने की ख़बरें आती रहती हैं लेकिन इस प्रखंड के विधुत विभाग की घोर लापरवाही के कारण व्यवस्था नहीं सुधर पाती है. लोगों का यह भी आरोप है कि वे जब इस मामले में विधुत पदाधिकारियों से मिलकर समास्या के समाधान की बात करते हैं तो उनसे मोटी रकम माँगी जाती है जिससे लोग थक हारकर भगवान् भरोसे रह जाते हैं और घटनाएं घट जाती हैं.
                                                                                                                                            जे.पी.चंद्रा की रिपोर्ट                                                                                                                                   

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