By, Shrikant Pratyush
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शिवहर में बाढ़ के पानी ने ली पांच बच्चों की जिन्दगी, मुजफ्फरपुर में भी तीन लापता

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बिहार के कई जिलों अररिया, किशनगंज, फारबिसगंज, पुर्णिया, सुपौल, मधुबनी, दरभंगा, कटिहार में बाढ़ का पानी घुस गया है. कोसी, कमला, बागमती, गंडक, महानंदा समेत उत्तर बिहार तमाम छोटी बड़ी नदियों के तटबंधों के किनारे बसे सैकडों गांव जलमग्न हो गए हैं.

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शिवहर में बाढ़ के पानी ने ली पांच बच्चों की जिन्दगी, मुजफ्फरपुर में भी तीन लापता

सिटी पोस्ट लाइव : बिहार में बाढ़ की स्थिति धीरे-धीरे और भयावह हो रही है. पानी परेशानी बनकर अपना रौद्र रूप दिखा रहा है. पिछले दो हफ्ते से नेपाल और बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र में भारी बारिश होने के कारण नदियों के जलस्तर में भारी वृद्धि हुई है. उत्तर बिहार के कई जिलों अररिया, किशनगंज, फारबिसगंज, पुर्णिया, सुपौल, मधुबनी, दरभंगा, कटिहार में बाढ़ का पानी घुस गया है. कोसी, कमला, बागमती, गंडक, महानंदा समेत उत्तर बिहार तमाम छोटी बड़ी नदियों के तटबंधों के किनारे बसे सैकडों गांव जलमग्न हो गए हैं.

वहीँ अब इस भीषण बाढ़ की समस्या बिहार में अब तक 34 लोगों की जान जा चुकी है. 25 लाख से ज्यादा आबादी बाढ़ की चपेट में है. नेपाल में भारी बारिश और वहां से छोड़े जा रहे पानी ने बिहार में जलप्रलय जैसे हालात पैदा कर दिए हैं. बाढ़ से मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी चंपारण और दरभंगा सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. वहीँ अब खबर है कि शिवहर में बाढ़ के पानी में डूबने से पांच बच्चों की मौत हो गई है. घटना तरिया के पचरा गांव की है जहां ग्रामीणों के सहयोग से बच्चों के शव बाहर कर लिए गए हैं. घटना के बारे मे बताया जा रहा है कि बच्चे नहाने के लिए पानी भरे गड्ढे में चले गए थे, इसी दौरान ये हादसा हो गया.

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मुजफ्फरपुर में मां और चार बच्चे भी नदी में स्नान के दौरान डूब गए गए. हालांकि इनमें दो को  सुरक्षित निकाल लिया गया है जबकि तीन लोगों का अब भी पता नहीं चल पा रहा है. घटना मीनापुर के रानी खैरा पंचायत के शितलपट्टी गांव की है. जाहिर है कि बाढ़ जैसी समस्या से हर साल बिहार में हजारों लोग बेघर हो जाते हैं, सैंकड़ो लोगों की मौत भी हो जाती है. लेकिन इसके बावजूद सरकार इस समस्या के पैदा होने से पहले कोई ठोस कदम उठाने में असफल साबित होती है.

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