By, Shrikant Pratyush
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PMCH जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से हाहाकार, 12 मरीजों की हो चुकी है मौत

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PMCH जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से हाहाकार, 12 मरीजों की हो चुकी है मौत

सिटी पोस्ट लाइव : बिहार की राजधानी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीएमसीएच में डॉक्टरों की हड़ताल ने अबतक एक दर्जन से ज्यादा मरीजों की जान ले ली है. पीएमसीएच प्रबंधन ने जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल से उत्पन्न  आपातकाल से निबटने के लिए 100 डॉक्टरों की टीम की मांग की है. जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से मरीज परेशान हैं. मरीज अब पीएमसीएच से पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं. डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से पीएमसीएच में अब तक 12 मरीजों की जान जा चुकी है. इन 12 मरीजों में एक मासूम भी शामिल है.

हालात ऐसे हैं कि मरीज कल सोमवार से ही डॉक्टर के इंतजार में वार्ड में बैठे हैं. लेकिन कोई उन्हें देखने नहीं आ रहा है. अस्पताल में चीख पुकार मची हुई है. लेकिन मरीजों की कोई नहीं सुन रहा है. कितने ही मरीज अब निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं.स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं है. लोग अपने मरीजों को कंधे पर उठाकर या फिर गोद में लेकर और कपडे का स्ट्रेचर बनाकर दूसरी जगह ले जा रहे हैं. लेकिन जो मरीज निजी अस्पतालों का खर्च नहीं उठा सकते, यहाँ ईलाज के अभाव में मारनेका इंतज़ार कर रहे हैं. कुल मिलाकर हालात कंट्रोल से बाहर हो रहे हैं.

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डॉक्‍टरों की हड़ताल के चलते हालात और बदतर हो चुके हैं. अस्‍पताल में किसी भी नए मरीज की भर्ती नहीं की जा रही है. जूनियर डॉक्‍टरों की मांग है कि जब तक आरोपी परिजनों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक वह अपनी हड़ताल खत्‍म नहीं करेंगे. पटना मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्‍टरों की हड़ताल से मरीजों की जान आफत में आ गई है.

जूनियर डॉक्‍टर एसोसिएशन का कहना है कि इस बार आश्‍वासन से काम नहीं चलेगा. जब तक डॉक्‍टरों के साथ मारपीट करने वालों को गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक वह काम पर नहीं लौटेंगे. बताया जाता है कि अभी ओपीडी और इमरजेंसी को बंद कर दिया गया है. एक भी मरीज को अस्‍पताल में भर्ती नहीं किया जा रहा है.

गौरतलब है कि सोमवार को शिशु वार्ड में मरीज के परिजनों द्वारा की गई डॉक्‍टर की पिटाई के विरोध में जूनियर डॉक्‍टरों ने काम करना बंद कर दिया है. वार्ड में जूनियर डॉक्‍टर मौजूद नहीं हैं. इससे अस्‍पताल में स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं. डॉक्टरों की हड़ताल के कुछ ही देर बाद एक बच्चे ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया था.अबतक 12 मरीज मर चुके हैं. पीएमसीएच प्रबंधन से सरकार को त्राहिमाम सन्देश भेंज दिया है.लेकिन हालात अभी भी वैसे ही बने हुए हैं.

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