सिटी पोस्ट लाइव : आज वक्फ संशोधन बिल संसद में पेश होना है.जेडीयू ने बिल को समर्थन देने की घोषणा कर दी है.जेडीयू को उम्मीद है कि सरकार वक्फ बिल पर उसके द्वारा प्रस्तावित संशोधन को स्वीकार करेगी. राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि बिल पूर्व की तारीख से लागू नहीं होना चाहिए. दो मुस्लिम नेताओं ने इस बिल पर आपत्ति जताई है.जेडीयू ने सुझाव दिया है कि जमीन के मामलों में राज्यों की सहमति और पुराने मुस्लिम धार्मिक स्थलों में किसी तरह की छेड़छाड़ न की जाये.
राजनीतिक गलियारे में इस बात की चर्चा है कि वक्फ बिल पर जेडीयू द्वारा दिए गए संशोधन पर केंद्र सरकार की सहमति मिल सकती है. इस बीच जेडीयू ने वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान अपने सभी सांसदों को सदन में मौजूद रहने को ले व्हीप जारी किया है.जेडीयू के दो मुस्लिम नेताओं ने वक्फ बिल पर अपनी आपत्ति जतायी है.जेडीयू विधान पार्षद गुलाम गौस ने कहा कि उनकी समझ है कि जेडीयू वक्फ बिल के पक्ष में नहीं है.पूर्व राज्यसभा सदस्य और जेडीयू नेता अश्फाक करीम का कहना है कि हम उम्मीद करते हैं कि नीतीश कुमार इस बारे में कोई न कोई फैसला जरूर लेंगे.
केंद्रीय मंत्री व जेडीयू के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी अपना पक्ष संसद में ही सामने रखेगी.दूसरी ओर, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने एक बार फिर वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन किया है. मांझी ने मंगलवार को अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि वक्फ संशोधन बिल 2025 कई राजनीतिक दलों के सपनों का चकनाचूर कर देगा.उन्होंने लिखा के जो दल अभी तक वक्फ बिल को लेकर मुसलमानों को भड़काने का काम कर रहे थे उन्हें हमारी सरकार करारा जवाब देने जा रही है. वक्फ संशोधन बिल जिस दिन पास होगा उस दिन देश के हर मुसलमान कहेंगे मोदी है तो सब मुमकिन है.