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बिहार के मधेपुरा जिले की राजनीति में उस समय गरमाहट आ गई जब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायक प्रो. चंद्रशेखर और उनके सहयोगी आलोक कुमार उर्फ मुन्ना सहित अन्य के खिलाफ सदर थाना में रंगदारी मांगने, सरकारी निर्माण कार्य में बाधा डालने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। यह मामला एए पटना (जेवी) फर्म के नाम से संचालित हो रहे एक सरकारी निर्माण कार्य के संवेदक (ठेकेदार) के लिखित आवेदन पर दर्ज किया गया है।
₹1 करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप
संवेदक ने पुलिस को दिए गए अपने आवेदन में बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कार्य शुरू होने के समय से ही विधायक और उनके प्रतिनिधियों द्वारा उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। संवेदक ने आरोप लगाया है कि उनसे एक करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग की गई और राशि नहीं देने पर काम बंद कराने के साथ-साथ झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई।
संवेदक का दावा है कि विधायक और उनके प्रतिनिधि बार-बार साइट पर पहुंचकर अवैध मांग करते रहे। जब उन्होंने इनकार किया, तो उन्हें कार्य रुकवाने, विभागीय अधिकारियों को गुमराह करने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। आवेदन में यह भी उल्लेख है कि संवेदक और उनके कर्मचारियों को जान से मारने तक की धमकी मिली है, जिससे साइट पर काम कर रहे मजदूर दहशत में हैं।
जांच रिपोर्ट में निर्माण कार्य की गुणवत्ता ‘संतोषजनक’
संवेदक ने यह भी दावा किया कि धमकियों के बावजूद उन्होंने विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए स्थानीय प्रशासन और अभियंताओं की निगरानी में काम जारी रखा। इसी बीच, विधायक प्रो. चंद्रशेखर ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सार्वजनिक रूप से आरोप लगाए। इन आरोपों के बाद, ग्रामीण विकास मंत्री सह मधेपुरा के प्रभारी मंत्री के निर्देश पर मामले की जांच के लिए जिला स्तरीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति की एक टीम का गठन किया गया।
जांच टीम द्वारा किए गए निरीक्षण और जांच की रिपोर्ट में निर्माण कार्य की गुणवत्ता को ‘संतोषजनक’ बताया गया है और यह स्पष्ट किया गया है कि कार्य विभागीय मानकों के अनुरूप किया जा रहा है। इसके बावजूद संवेदक का आरोप है कि उत्पीड़न बंद नहीं हुआ, जिसके बाद उन्होंने पुलिस की शरण ली और अपनी व अपने कर्मचारियों की सुरक्षा की मांग की।
विधायक ने आरोपों को बताया ‘राजनीतिक साजिश’
वहीं, दूसरी ओर, RJD विधायक प्रो. चंद्रशेखर ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह सब उनके खिलाफ रची गई एक राजनीतिक साजिश है। विधायक का कहना है कि वे अपने क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होने देंगे। जिस नाला निर्माण कार्य को लेकर विवाद है, उसमें गंभीर खामियां हैं, और इसी वजह से संवेदक और कुछ अधिकारी मिलकर उनके खिलाफ झूठा केस दर्ज करवा रहे हैं। उन्होंने साफ कहा, “इस तरह के मुकदमों से वे डरने वाले नहीं हैं।”
प्रो. चंद्रशेखर ने स्पष्ट किया कि जब तक नाला निर्माण कार्य सही ढंग से और मानक के अनुसार पूरा नहीं किया जाएगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि वे जनता के हित में आवाज उठा रहे हैं और इसी कारण उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
एएसपी प्रवेन्द्र भारती ने बताया कि संवेदक के आवेदन के आधार पर विधायक और अन्य नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। अब इस मामले की दिशा पुलिस जांच और साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।