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जनजातिय जमीन की जांच के लिए बनेगी विधानसभा कमिटी : मुख्यमंत्री

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सिटी पोस्ट लाइव, रांची: झारखंड विधानसभा मानसून सत्र के चौथे दिन बुधवार को सदन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि जनजातिय जमीन की जांच के लिए विधानसभा कमिटी बनेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई जमीन का हस्तांतरण गलत तरीके से हुआ है। सरकार ने माना है कि ऐसे हस्तांतरण की जांच करने के लिए एक विधानसभा कमेटी बनाई जाएगी। सीएनटी एसपीटी का उल्लंघन कर किस जिले में कितनी जमीन का हस्तांतरण हुआ इसकी जांच विधानसभा की कमेटी करेगी। विधायक लोबिन हेम्ब्रम के उठाए सवाल पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएनटी एसपीटी एक्ट के तहत कई नियम हैं, जिससे कि आदिवासियों की जमीन का हस्तांतरण नहीं हो सकता।इसके बावजूद कई लोगों ने जमीन खरीद कर घर बनाया है। इस पर सरकार गंभीर है और सही तरीके से इसका आंकलन हो इसलिए विधानसभा की कमेटी बनाई जाए।

सदन में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के मूलवासी आदिवासी को सरकार रोजगार देने को संकलित है।रोजगार को लेकर प्रवर समिति बैठक का प्रस्ताव अभी आना है। इससे पहले भाजपा विधायकों ने सदन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सवाल किया कि स्थानीय कौन है। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा वालों की समस्या यही है कि किसी भी तरीके से राज्य के आदिवासी मूलवासी लोगों को अधिकार नहीं मिल पाए। उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में उन्होंने कुछ काम नहीं किया है।

सदन में झामुमो के विधायक लोबिन हेम्ब्रम ने सवाल उठाया था कि राज्य बनाने का उद्देश्य मूलवासी आदिवासी को बचाने का था। लोबिन हेंब्रम ने कहा कि सीएनटी एसपीटी धारा 49 के तहत आदिवासी जमीन हस्तांतरित हो रहा है। जमीन पर बड़े उद्योग लग रहे हैं। उन्होंने कहा कि रांची, जमशेदपुर और धनबाद में जमीन बड़े पैमाने पर हस्तांतरित हुआ है। सदन में स्टीफन मरांडी ने कहा कि ये ज्वलंत समस्या है, इसलिए हाउस की कमेटी बनाई जाए। साथ ही आंकलन हो कि किस जिले में कितनी ट्राइबल जमीन हस्तांतरित हुई है। साथ ही सदन में जानकारी दी कि जब इंदर सिंह नामधारी स्पीकर थे ,तब कमेटी ने रिपोर्ट बनाई थी।

इसस पहले सदन में स्टीफन मरांडी ने कहा कि आज राज्य में जनजातिय जमीनों का हस्तांतरन बड़े पैमाने पर हो रहा है। ऐसे में सरकार से मांग है कि एक कमिटी बनायें और सभी जिलों के डीसी से जांच करने को कहें। साथ ही स्टीफन ने कहा कि कितनी एसटी जमीन गलत तरीके से हस्तांतरण हुआ है इसके भी पता किया जाये।

विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन भी विपक्ष का हंगामा सदन में जारी है। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा के सभी विधायक पोस्टर पहन कर वेल में गये और हंगामा कर रहे थे। भाजपा के विधायक नियोजन नीति रद्द करने की मांग कर रहे हैं। साथ ही विधानसभा में नमाज पढ़ने के लिए कमरा आवंटित होने का विरोध कर रहे हैं। पोस्टर पर भी यही बात लिखी हुई है। स्पीकर के कहने पर सभी भाजपा विधायकों ने पोस्टर उतार दी है और रिपोर्टिंग टेबल के पास खड़े होकर विरोध कर रहे हैं। दूसरी तरफ विधानसभा अध्यक्ष ने इसपर नाराजगी जताते हुए कहा कि एक सदन चलाने में कितना खर्च होता है, आप भली भांति जानते हैं। जनता ने अपनी गाढ़ी कमाई को बर्बाद करने के लिये हमें यहां नहीं भेजा है।

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