सिटी पोस्ट लाइव
पटना। बिहार राजस्व सेवा संघ (BiRSA) ने 23 मार्च को अपनी वार्षिक आम बैठक (AGM) का आयोजन किया, जिसमें राज्य के राजस्व अधिकारियों ने भाग लिया। इस महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन अधिवेशन भवन, पुराना सचिवालय, विधान सभा के पास, पटना में किया गया। बैठक का उद्देश्य बिहार में राजस्व प्रणाली को अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाना था।
राजस्व सेवा संघ की प्रमुख मांगें
बैठक के दौरान, बिहार राजस्व सेवा संघ ने राज्य सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं, जिनमें शामिल हैं:
- पदस्थापन प्रक्रिया में तेजी: राजस्व सेवा के अधीनस्थ पदों पर अविलंब नियुक्ति की मांग।
- अंचलाधिकारियों को मजिस्ट्रेट की शक्ति: अन्य राज्यों की तरह, भूमि विवादों के समाधान हेतु अंचलाधिकारियों को मजिस्ट्रेट के अधिकार दिए जाएं।
- कार्य-जीवन संतुलन: अंचलाधिकारियों को पर्व-त्योहारों के दौरान भी विधि-व्यवस्था में संलग्न रहना पड़ता है, इसलिए उन्हें क्षतिपूरक अवकाश प्रदान किया जाए।
- सुरक्षा और संसाधन: अंचलाधिकारियों को बॉडीगार्ड, सरकारी आवास और वाहन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे भूमि माफियाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर सकें।
बैठक का उद्देश्य और प्रभाव
यह वार्षिक बैठक न केवल अधिकारियों को एक मंच प्रदान करती है, जहां वे बीते वर्ष की उपलब्धियों की समीक्षा कर सकते हैं, बल्कि यह भविष्य की योजनाओं और आवश्यक सुधारों पर विचार-विमर्श का भी अवसर देती है। अधिकारियों के व्यक्तिगत और पेशेवर मुद्दों पर चर्चा कर समाधान खोजने के लिए यह सभा एक महत्वपूर्ण जरिया बनती है।
बिहार राजस्व सेवा 2019 में बिहार प्रशासनिक सेवा से अलग होकर एक विशेष राजस्व कैडर के रूप में स्थापित हुई थी। इस बैठक में शामिल अधिकारी राज्य में राजस्व प्रणाली को मजबूत करने और प्रशासनिक सुधार लाने के लिए संकल्पबद्ध दिखे। यह आयोजन राजस्व अधिकारियों के संगठन, उनकी प्रतिबद्धता और भविष्य की रणनीतियों को दर्शाने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ।