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पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा दोबारा कराने को लेकर पटना हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने इस मामले को गंभीर मानते हुए सरकार को तत्काल काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस मामले में दायर अन्य याचिकाओं पर भी एक साथ सुनवाई की जाएगी। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 4 मार्च दोपहर 12:00 बजे की तारीख तय की है। अदालत ने कहा कि इस दौरान पूरे मामले की गहराई से समीक्षा की जाएगी और सभी पक्षों को अपनी दलीलें रखने का अवसर दिया जाएगा।
याचिकाकर्ताओं के वकील अशोक कुमार ने बताया कि बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा दाखिल एफिडेविट संतोषजनक नहीं है। उन्होंने कहा कि आयोग का यह दावा कि “प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ” और “सिर्फ एक परीक्षा केंद्र से बाहर आया,” यह स्वीकार्य नहीं है। कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वह 4 मार्च से पहले सभी याचिकाओं पर अपना विस्तृत जवाब दाखिल करे।
अदालत ने सरकार से कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठने के बाद इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। हाई कोर्ट ने सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वह पूरी स्थिति पर अपना पक्ष स्पष्ट करे और सभी तथ्यों को सामने रखे। इस मामले पर वकील अशोक कुमार ने कहा कि BPSC ने अपनी सफाई में यह तर्क दिया कि “1:00 बजे के बाद कुछ लोग प्रश्नपत्र लेकर बाहर आ गए थे, लेकिन चूंकि जय मां लक्ष्मी का स्टीकर लगा था, इसलिए प्रश्नपत्र दूसरे केंद्रों तक नहीं पहुंचा और इसे लीक नहीं माना जा सकता।” इस दावे पर अदालत ने आपत्ति जताई और याचिकाकर्ताओं ने इसे भ्रामक बताया।