बिहार में विंटर वेडिंग सीजन के बीच इंडिगो की उड़ानों के बार-बार रद्द होने से सैकड़ों नवविवाहित जोड़ों को भारी निराशा झेलनी पड़ी है। अचानक फ्लाइट कैंसिलेशन के कारण राज्य के 500 से अधिक जोड़े हनीमून पर नहीं जा सके। महीनों पहले बनाई गई हनीमून योजनाएं अधर में लटक गईं, जिससे न सिर्फ आर्थिक नुकसान हुआ बल्कि नवदंपतियों की छुट्टियां भी पूरी तरह बर्बाद हो गईं।
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की उड़ानें बिहार के पटना, दरभंगा, पूर्णिया और गया एयरपोर्ट से लगातार रद्द हो रही हैं। हालात यह हैं कि रोजाना औसतन 28 उड़ानें निरस्त की जा रही हैं। इसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ रहा है और एयरपोर्ट टर्मिनलों पर अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। दरअसल, पटना एयरपोर्ट के बाहर यात्रियों की लंबी कतारें नजर आ रही हैं। लोग कभी एयरलाइन काउंटर तो कभी ट्रैवल एजेंट के पास चक्कर काटते दिख रहे हैं, इस उम्मीद में कि किसी तरह उनकी यात्रा बच जाए। लेकिन ज्यादातर यात्रियों को निराशा ही हाथ लग रही है और वे बिना सफर किए लौटने को मजबूर हैं। वहीं, ऐसी ही एक पीड़ित यात्री सोनल हैं, जिनकी शादी 1 दिसंबर को हुई थी और 5 दिसंबर को उन्हें पोर्ट ब्लेयर के लिए रवाना होना था। सोनल ने बताया कि हनीमून पैकेज पर उन्होंने करीब 90 हजार रुपये खर्च किए थे, जो अब फंस गए हैं। उनका कहना है, “हमने छह महीने पहले से इस ट्रिप की प्लानिंग की थी, लेकिन इंडिगो की उड़ानें रद्द होने से सब कुछ एक झटके में बिगड़ गया।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इतनी परेशानी के बावजूद उन्हें अब तक न तो यात्रा का विकल्प दिया गया है और न ही रिफंड मिल पाया है।
सौरभ खेमका ने आगे बताया कि यात्रा कंपनियों को इस संकट से न केवल आर्थिक नुकसान हुआ है, बल्कि ग्राहकों के साथ उनकी प्रतिष्ठा पर भी असर पड़ा है। कई यात्रियों ने एयरलाइन और ट्रैवल एजेंटों पर गुस्सा जताया और सोशल मीडिया पर शिकायतें दर्ज कराईं। उन्होंने कहा, “कुछ होटल और ट्रैवल सर्विस प्रोवाइडर ने रिफंड देने में काफी समय ले रखा है, जिससे ग्राहकों का तनाव और बढ़ गया है। कई जोड़े, जो लंबे समय से हनीमून या छुट्टियों की योजना बना रहे थे, अब निराशा के साथ अपनी यात्राओं को स्थगित करने या पूरी तरह रद्द करने पर मजबूर हैं।” इसके साथ ही यह भी चेतावनी दी कि अगर एयरलाइन जल्द समाधान नहीं निकालती है, तो आने वाले महीनों में पर्यटन और ट्रैवल इंडस्ट्री पर इसका और भी बड़ा असर पड़ सकता है। उन्होंने सरकार और एयरलाइन दोनों से अपील की कि यात्रियों और ट्रैवल कंपनियों की समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए, ताकि इस वित्तीय और मानसिक संकट को कम किया जा सके।