By, Shrikant Pratyush
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किसानों के आंदोलन के बाद जागा वन विभाग, 23 जनवरी से होगा नीलगायों का सफाया

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नीलगायों से परेशान मुजफ्फरपुर के किसानों को अब राहत मिलने वाली है. बिहार सरकार नीलगायों को मारने की अनुमति दे दी है. 23 जनवरी से जिले में जंगली जानवर को मारने का अभियान शुरू किया जाएगा. इसके लिए हैदराबाद से विशेषज्ञ शूटर को मंगाया गया है.

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किसानों के आन्दोलन के बाद जागा वन विभाग, 23 जनवरी से होगा नीलगायों का सफाया

सिटी पोस्ट लाइव : नीलगायों से परेशान मुजफ्फरपुर के किसानों को अब राहत मिलने वाली है. बिहार सरकार नीलगायों को मारने की अनुमति दे दी है. 23 जनवरी से जिले में जंगली जानवर को मारने का अभियान शुरू किया जाएगा. इसके लिए हैदराबाद से विशेषज्ञ शूटर को मंगाया गया है. असगर अली और मोहम्मद अली जिले के जंगली जानवरों का सफाया करेंगे. वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार दोनों सूटर प्रोफेशनल हैं और सटीक निशाना लगाकर किसानों को राहत पहुंचाएंगे.

दरअसल इन नीलगायों द्वारा लगातार फसलों को नुक्सान पहुँचाया जा रहा है. नीलगाय झुंड में आते हैं, और लहलहाती फसलों को फलक झपकते बर्बाद कर देती है. इससे किसानों का लाखों रूपये और मेहनत बर्बाद जाता है. बता दें पिछले एक दशक से जिले के किसान जंगली जानवरों के आतंक से परेशान हैं. इन नीलगायों का आतंक इतना बढ़ गया कि इसके खिलाफ किसानों को आन्दोलन शुरू करना पड़ा. जिसके बाद वन विभाग जागी और सरकार की अनुमति के बाद इन जंगली जानवरों को मारने का फैसला लिया.

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वन विभाग के अधिकारी जंगली जानवरों को मारने के लिए शूटरों के साथ 22 जनवरी को रणनीति बनाएंगे और तय किया जाएगा कि किस प्रखण्ड से इसकी शुरुआत की जाए. बता दें कि मुजफ्फरपुर का सबसे अधिक प्रभावित इलाका सरैया प्रखंड माना जा रहा है जहां जंग नीलगाय का सबसे अधिक आतंक है. इसके बाद जिले के साहिबगंज, पारू, मोतीपुर, कांटी, औराई और मीनापुर इलाकों के अलावा जिले के उन तमाम इलाकों में वन विभाग जंगली सूअरों और नीलगायों को मारने का अभियान तेज करेगा जहां किसानों की लाख कोशिशों के बावजूद फसलों का नुकसान थम नहीं रहा.

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