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मुख्यमंत्री के जनता दरबार में JDU के दो नेता अपनी फरियाद लेकर पहुंचे मुख्यमंत्री अनदेखा किए |

In the Chief Minister's Janata Darbar, two JDU leaders arrived with their complaints and ignored the Chief Minister.

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सिटी पोस्ट लाइव –  मुख्यमंत्री के जनता दरबार में JDU के दो नेता अपनी फरियाद लेकर पहुंचे थे। लेकिन, उनकी कुछ ज्यादा मदद नहीं हो पाई। CM नीतीश कुमार के जनता दरबार में जब एक महिला लगातार यह कहने लगी कि सर, मुझे अलग से समय चाहिए, मुझे आपसे कुछ बात करनी है। संगठन के बारे में कुछ बात करनी है। मैं मोतिहारी महिला अध्यक्ष हूं, आपसे बात करनी है। मेरा नाम डॉ कुमकुम सिन्हा है। मुख्यमंत्री ने तमाम बातें सुनी तो लेकिन, समय नहीं दिया। वही दूसरे नेता ने मुख्यमंत्री के आवास आत्महत्या करने की बात कही फिर भी मुख्यमंत्री को कोई फर्क नही पड़ा  कुमकुम सिन्हा ने बताया कि वह मोतिहारी में काफी चर्चित नाम है।

 

 

JDU नेत्री कुमकुम सिन्हा ने कहा कि जब मेरे ऊपर हमला

उन्होंने खूब समाज सेवा किया है। ऐसे में उनकी दावेदारी विधानसभा चुनाव में भी बढ़ जाती है।वहीं, हमारे दुश्मन भी काफी हो गए। कई बार मेरे ऊपर हमला किया गया है JDU नेत्री कुमकुम सिन्हा ने कहा कि जब मेरे ऊपर हमला हुआ था तो मैंने नामजद FIR कराई थी। पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था। लेकिन मेरी सुरक्षा नहीं की जा रही है। आरोपी जमानत पर रिहा हो चुका है और मुझे धमकी भी दे रहा है। जेडीयू पार्टी के सभी पदाधिकारियों को यह बातें पता है लेकिन, वह मेरी कोई मदद नहीं कर रहे हैंवहीं, कुछ दिन पहले पटना के सीएम हाउस के गेट पर जोरदार हंगामा होने लगा। एक व्यक्ति को कुछ लोग पकड़ने में लगे थे। यह मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षाकर्मी थे, जब मीडिया कर्मी वहां पहुंचे तो पता चला जेडीयू के अति पिछड़ मोर्चा के प्रदेश महासचिव अवधेश लाल देव है और वह लगातार यह कह रहे थे कि मुझे मेरी पत्नी प्रताड़ित करती है

 

 

लगातार नक्सलियों के संपर्क में रहती है।

और मैं इससे दुखी होकर आत्मदाह करना चाहता हूं। उस समय पुलिस ने अवधेश लाल देव को समझा-बुझाकर मामले को शांत किया।जेडीयू अति पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश महासचिव अवधेश लाल देव से जब दैनिक भास्कर डिजिटल की टीम ने बात किया तो उन्होंने बताया कि मेरी पत्नी का संबंध नक्सलियों से है। वह लगातार नक्सलियों के संपर्क में रहती है। नक्सलियों का भय दिखाकर वह मेरे परिवार और मुझे प्रताड़ित करती है। मेरी शादी 2006 में हुई थी।कुछ दिन तक पत्नी मेरे साथ रही लेकिन, बाद में मनोज लालदेव जो नक्सलियों के कमांडर रह चुके हैं, उनके संपर्क में आ गई और समय-समय पर मुझे प्रताड़ित करने लगी। मेरी मेरे दो बच्चे हैं। मैं अपनी पत्नी से प्रताड़ित होकर ही राजनीति में आया हूं। मैं लगातार अपनी व्यथा जदयू के सभी बड़े नेताओं को सुना चुका हूं। लेकिन, मुझे कोई मदद नहीं मिली है।जदयू नेता अवधेश लाल देव ने बताया कि पिछले महीने मेरे ऊपर मेरी पत्नी ने केस कर दिया था कि मैं और मेरे परिवार ने उसको जान से मारने की कोशिश की है। तब से लेकर अब तक मैं अपने गांव दरभंगा नहीं जा पाया हूं। मैंने मुख्यमंत्री से भी गुहार लगाई है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था लेकिन, अब तक कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है।मेरी पत्नी घर छोड़कर जा चुकी है। मैंने तलाक के लिए अर्जी दे दिया है। लेकिन पुलिस मुझे परेशान करती है। और मैं पार्टी का कर्मठ कार्यकर्ता होने के बावजूद प्रताड़ित हो रहा हूं।मुझे मेरी पार्टी के तरफ से कोई मदद नहीं मिल रही है। मैंने मुख्यमंत्री से कह दिया है कि इस मामले जांच करा कर मुझे न्याय दिलवाएं।पटना के सीएम हाउस के गेट पर जेडीयू अति पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश महासचिव अवधेश लाल देव ने जोरदार हंगामा किया था।

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