मैदान मार रही हैं भारत की ‘शेरनियां’! बैडमिंटन और कबड्डी को पछाड़कर क्रिकेट बना महिलाओं की पहली पसंद…

Ritu Raj

बीबीसी और कलेक्टिव न्यूजरूम के हालिया सर्वे (10,000+ महिलाएं) से यह साफ हो गया है कि भारत में महिला क्रिकेट अब केवल एक खेल नहीं, बल्कि एक बड़े करियर विकल्प के रूप में उभर रहा है।

भागीदारी में जबरदस्त उछाल;
2020 में जहां सिर्फ 5% महिलाएं क्रिकेट खेलती थीं, अब यह आंकड़ा बढ़कर 10% हो गया है। 15-24 साल की लड़कियों में यह क्रेज सबसे ज्यादा है। इस उम्र वर्ग में भागीदारी 6% से बढ़कर 16% हो गई है। 2020 में हर एक महिला खिलाड़ी पर 5 पुरुष खिलाड़ी थे, जो अब घटकर 1 पर 3 रह गए हैं।

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करियर के रूप में पहली पसंद;
अब लड़कियां खेल को सिर्फ शौक के लिए नहीं खेल रहीं। 26% युवा लड़कियां (15-24 वर्ष) खेल को पेशेवर करियर के रूप में देख रही हैं। बता दें कि राज्य स्तर पर तमिलनाडु (27%) इस मामले में सबसे आगे है, जबकि मध्य प्रदेश और मेघालय में यह आंकड़ा 19% है।

राज्यों का प्रदर्शन और अन्य खेल;
उत्तर प्रदेश का कमाल: यूपी में महिला क्रिकेटरों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है, जो 1% से बढ़कर 10% पर पहुंच गई है। क्रिकेट अब महिलाओं के बीच पारंपरिक खेल कबड्डी को पीछे छोड़कर काफी आगे निकल गया है। पंजाब, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बैडमिंटन महिलाओं की पसंदीदा पसंद बना हुआ है।

सफलता की प्रेरणा;
भारतीय महिला टीम की हालिया जीत ने इस बदलाव में ईंधन का काम किया है। 2 नवंबर को साउथ अफ्रीका को हराकर भारत ने अपना पहला वनडे वर्ल्ड कप जीता। वर्ल्ड कप में ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ बनकर उन्होंने नई पीढ़ी को प्रेरित किया है।

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