By, Shrikant Pratyush
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जदयू नेता ने कहा-गठबंधन सरकार और कांग्रेस पार्टी अहंकार नहीं त्यागी तो विनाश तय है

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जदयू के तेज-तर्रार नेता एवं पार्टी के पूर्व प्रवक्ता अजय आलोक ने जब से प्रवक्ता पद से इस्तीफा दिया है तभी से वें भाजपा के पक्ष में खुलकर बोल रहे हैं. वें कई दिनों से भाजपा के पक्ष में बयानबाजी कर रहे हैं. एक बार फिर उन्होंने बीजेपी का पक्ष लिया है. उनका ताजा बयान कर्नाटक में जेडीएस और कांग्रेस वाली गठबंधन सरकार पर छाये संकट को लेकर आया है.

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जदयू नेता ने कहा-गठबंधन सरकार और कांग्रेस पार्टी अहंकार नहीं त्यागी तो विनाश तय है

सिटी पोस्ट लाइव- जदयू के तेज-तर्रार नेता एवं पार्टी के पूर्व प्रवक्ता अजय आलोक ने जब से प्रवक्ता पद से इस्तीफा दिया है तभी से वें भाजपा के पक्ष में खुलकर बोल रहे हैं. वें कई दिनों से भाजपा के पक्ष में बयानबाजी कर रहे हैं. एक बार फिर उन्होंने बीजेपी का पक्ष लिया है. उनका ताजा बयान कर्नाटक में जेडीएस और कांग्रेस वाली गठबंधन सरकार पर छाये संकट को लेकर आया है. इस बार उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधा है.

जदयू नेता ने अपने सोशल मीडिया ट्वीटर एकाउंट पर लिखा है कि घर सम्भल नहीं रहा है और कांग्रेस तथा जेडीएस के विधायक इस्तीफ़ा दे रहे हैं. सरकार होने के बावजूद और दोष मढ़ो भाजपा पे !बढ़िया हैं “नाच ना जाने आँगन ठेढ “ .उन्होंने लिखा है कि गठबंधन सरकार और कांग्रेस पार्टी ? अभी भी अहंकार त्यागो और सीखो नहीं तो विनाश तय हैं और हाँ ! CM को अमेरिका से बुला लीजिए.

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मालूम हो कि कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार 13 महीने बाद 13 विधायकों के इस्तीफे से संकट में आ गई है . शनिवार को कांग्रेस के 10 और जेडीएस के 3 विधायकों ने विधासनभा स्पीकर के दफ्तर में अपने इस्तीफे सौंप दिए. 118 विधायकों के साथ चल रही सरकार के पक्ष में अब 105 ही विधायक है. दूसरी तरफ मुख्य विपक्षी दल बीजेपी भी 105 सीटों पर ही काबिज है. बीजेपी के सत्ता पर काबिज होने के आसार बढ़ गए हैं क्योंकि सोमवार को 5 से 6 और विधायकों के इस्तीफे देने की चर्चाएं हैं. अब गौर करनेवाली बात यह होगी कि कर्नाटक में बीजेपी को इस झगड़े से कितना फायदा मिलता है.                                                                                                                                                                                                              जे.पी.चंद्रा की रिपोर्ट

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