कैमूर 11 हज़ार वोल्ट तार की चपेट में आने से मज़दूर की दर्दनाक मौत, बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव
कैमूर में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहाँ चैनपुर थाना क्षेत्र के शांति निकेतन के पास 11 हज़ार वोल्ट की हाई-वोल्टेज तार की चपेट में आने से एक मज़दूर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इस भीषण हादसे में मृतक का सिर धड़ से अलग हो गया, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान रूपापट्टी गाँव निवासी स्वर्गीय राजबली राम के 35 वर्षीय पुत्र राजेंद्र राम के रूप में हुई है।

घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग को लेकर चैनपुर पथ को घंटों जाम कर दिया। उनका कहना था कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण ही यह जानलेवा हादसा हुआ है। परिजनों ने बताया कि घटना की जानकारी बिजली विभाग को तुरंत दी गई थी, लेकिन चार घंटे बीत जाने के बाद भी विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची, जो उनकी घोर लापरवाही को दर्शाता है।

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

मृतक के भाई विनोद कुमार ने बताया कि राजेंद्र राम सुबह अपने मित्र के साथ साइकिल से मज़दूरी करने जा रहे थे, तभी शांति निकेतन स्कूल के पास पोल से गिरा हुआ 11 हज़ार वोल्ट का तार सीधे उनके ऊपर आ गिरा। इस दर्दनाक हादसे में मौके पर ही उनकी गर्दन धड़ से अलग हो गई और उनकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भभुआ सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस के काफी समझाने-बुझाने के बाद ही जाम खुल सका। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में मातम का माहौल छाया हुआ है।

क्या कहते हैं अधिकारी?

घटनास्थल पर पहुंचे चैनपुर ग्रामीण विद्युत विभाग प्रभाग के एसडीओ इमरान अंसारी ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस घटना से बहुत दुखी हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि घटना किस परिस्थिति में हुई, इसकी जांच कराई जाएगी और उचित विभागीय मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, चैनपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी ने बताया कि परिजनों को समझाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और चौबीस घंटे के भीतर सरकारी मुआवजा दिलाने का काम किया जाएगा। चैनपुर पुलिस ने भी इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भभुआ सदर अस्पताल भेज दिया गया है।

यह घटना बिजली विभाग की सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर बल देती है।

Share This Article