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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को खगड़िया में एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्षी महागठबंधन पर ज़ोरदार हमला बोला। शाह ने लालू प्रसाद यादव और सोनिया गांधी को ‘भ्रष्टाचार और परिवारवाद’ की दोहरी पहचान बताया और स्पष्ट किया कि एनडीए का मुख्य लक्ष्य बिहार के विकास के लिए चार महत्वपूर्ण सूत्रों पर काम करना है।
एनडीए का विकास मंत्र: पढ़ाई-दवाई-सिंचाई-सप्लाई
गृह मंत्री अमित शाह ने एनडीए सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट करते हुए कहा, “हमारी स्पष्ट नीति है: स्कूल-कॉलेज में पढ़ाई, टाइम पर दवाई, खेत में सिंचाई, और हर घर में पानी की सप्लाई।” उन्होंने जोर देकर कहा कि इन चार सूत्रों पर ही बिहार आगे बढ़ रहा है और एनडीए सरकार बिहार के बेटे-बेटियों को आगे बढ़ाना चाहती है। इसके विपरीत, उन्होंने विपक्षी गठबंधन की आलोचना करते हुए कहा, “सामने वाला गठबंधन की दो पहचान है: भ्रष्टाचार और परिवारवाद।”
परिवारवाद को लेकर तीखा हमला
अमित शाह ने लालू यादव और सोनिया गांधी पर निजी हमला बोलते हुए उन पर केवल अपने परिवार की चिंता करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा: “नीतीश बाबू बिहार के बेटे-बेटियों को आगे बढ़ाना चाहते हैं और लालू जी अपने बेटे को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं और सोनिया जी अपने बेटे को पीएम बनाना चाहती हैं। जो अपने बेटे की चिंता करेगा वो बिहार के युवाओं की चिंता कर सकता है क्या? बिहार के बेटे की चिंता नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी ही कर सकते हैं।”
उन्होंने मतदाताओं से सवाल किया कि जो नेता केवल अपने पुत्र को सत्ता सौंपने का सपना देखते हैं, वे उनके बेटे-बेटियों के भविष्य के लिए क्या सोचेंगे।
भ्रष्टाचार पर घेरा: ‘घोटालों की लंबी लिस्ट’
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अमित शाह ने राजद और कांग्रेस दोनों के पिछले कार्यकाल को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि एनडीए की केंद्र और राज्य (नीतीश सरकार के साथ) में 20 वर्षों की सरकार रही है, लेकिन “चार आने के भ्रष्टाचार” का आरोप नहीं लगा है।
लालू यादव पर हमला बोलते हुए शाह ने घोटालों की लंबी सूची गिनाई: “लालू जी आपने चारा घोटाला किया, लैंड फॉर जॉब घोटाला किया, अलकतरा घोटाला किया, बाढ़ राहत का घोटाला किया, बीपीएससी भर्ती घोटाला किया, आय से अधिक संपत्ति का घोटाला किया। लालू जी की सरकार आई तो घोटाले ही घोटाले।”
उन्होंने तत्कालीन केंद्र की कांग्रेस सरकार पर भी 12 लाख करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया और विपक्षी गठबंधन को ‘महालठबंधन’ करार देते हुए कहा कि यह बिहार का विकास नहीं कर सकता।
केंद्र से मिले फंड पर दिया हिसाब
अमित शाह ने विकास के मुद्दे पर राजद-कांग्रेस से सवाल किया और कहा कि लालू यादव 10 साल तक सोनिया-मनमोहन की सरकार में थे, लेकिन उन्होंने बिहार को केवल 2 लाख 80 हजार करोड़ रुपये दिए। इसके विपरीत, उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 साल में बिहार को 18 लाख 15 हजार करोड़ रुपये का रिकॉर्ड फंड दिया है।
अंत में, घुसपैठ के मुद्दे पर बोलते हुए शाह ने कहा, “आप एक बार सरकार बना दो, एक-एक घुसपैठिये को चुन-चुन कर बाहर निकालेंगे।” उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा’ पर भी तंज कसा और स्पष्ट किया कि चाहे जितनी भी यात्राएँ निकाल ली जाएँ, घुसपैठियों को बचाया नहीं जा सकेगा।