मनरेगा पर ‘महासंग्राम’: 5 जनवरी से कांग्रेस का देशव्यापी आंदोलन, राहुल गांधी बोले- राहुल गांधी का केंद्र पर बड़ा आरोप

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की अहम बैठक में आज केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ एक बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन की रणनीति तैयार की गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने घोषणा की है कि पार्टी आगामी 5 जनवरी से ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ शुरू करेगी। कांग्रेस ने इस योजना को केवल रोजगार का जरिया नहीं, बल्कि मजदूरों का ‘संवैधानिक अधिकार’ करार देते हुए इसके अस्तित्व की रक्षा के लिए अंतिम दम तक लड़ने का संकल्प लिया है।

5 जनवरी से सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस
CWC की बैठक के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि 5 जनवरी से कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर मनरेगा के बजट में कटौती और मजदूरों के भुगतान में हो रही देरी जैसे मुद्दों को उठाएंगे। खड़गे ने जोर देकर कहा, “कोविड काल में इसी योजना ने करोड़ों लोगों को भुखमरी से बचाया था। यह डॉ. मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी की दूरदर्शिता का परिणाम है, जिसे मौजूदा सरकार खत्म करने की कोशिश कर रही है।”

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राहुल गांधी का तीखा हमला: नोटबंदी से की तुलना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मनरेगा के स्वरूप को बदलने और इसमें हो रहे बदलावों को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने इस फैसले की तुलना ‘नोटबंदी’ से करते हुए कहा, “जिस तरह नोटबंदी ने अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाई थी, उसी तरह मनरेगा को कमजोर करने का फैसला गरीबों की कमर तोड़ देगा। यह निर्णय बिना संबंधित मंत्रियों की सलाह के सीधे PMO से लिया गया है, जो संघीय ढांचे पर बड़ा हमला है।”

‘गरीबों का पैसा उद्योगपतियों की जेब में’
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मनरेगा को कमजोर करने के पीछे का असल मकसद गरीबों, आदिवासियों, दलितों और पिछड़ों के हक का पैसा छीनकर बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाना है। उन्होंने इसे ‘अधिकार आधारित विकास मॉडल’ पर प्रहार बताया। कांग्रेस ने ‘जय संविधान, जय हिंद’ के नारे के साथ अपने कार्यकर्ताओं को संसद से सड़क तक इस महासंग्राम के लिए तैयार रहने का आह्वान किया है।

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