सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव के बीच समस्तीपुर जिले के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र में एक गंभीर लापरवाही सामने आने से बड़ा सियासी हड़कंप मच गया है। यहां गुड़मा गांव में शनिवार को सड़क किनारे सैकड़ों की संख्या में वीवीपैट (VVPAT) की पर्चियां फेंकी हुई मिलीं, जिसने चुनाव प्रक्रिया की सुरक्षा और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी महागठबंधन द्वारा लगातार ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाए जाने के बीच यह घटना जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रही है।
राजद ने उठाया गंभीर सवाल
इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने तत्काल चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। राजद ने इस घटना को बड़ी लापरवाही करार देते हुए आयोग से निष्पक्ष जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। विपक्षी गठबंधन का कहना है कि यह घटना दर्शाती है कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता की कमी है।
डीएम-एसपी समेत आला अधिकारी मौके पर
वीवीपैट पर्चियों के फेंके जाने की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया। तत्काल ही जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम रोशन कुशवाहा, एसपी अरविंद प्रताप सिंह, उप निर्वाचन पदाधिकारी विनोद कुमार समेत आला अधिकारियों की टीम गुड़मा गांव पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया, जहां डिस्पैच सेंटर से लगभग आधा किलोमीटर की दूरी पर ये पर्चियां बिखरी मिली थीं।
डीएम के निरीक्षण के दौरान ही निर्दलीय प्रत्याशी कुणाल कुमार और जनसुराज के प्रत्याशी सज्जन मिश्र भी मौके पर पहुंचे। प्रत्याशियों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए समुचित कार्रवाई की मांग की। मौके पर जुटे सैकड़ों समर्थकों की भीड़ को देखते हुए एहतियात के तौर पर कई थानों की पुलिस टीम को तैनात किया गया। सदर एसडीपीओ वन संजय कुमार ने स्वयं मोर्चा संभाला और माइक के जरिए लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
लापरवाही बरतने वाले कर्मी निलंबित, जांच शुरू
जिला प्रशासन ने सभी बरामद पर्चियों को जब्त कर लिया है और स्थानीय थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। डीएम रोशन कुशवाहा ने मीडिया को बताया कि कमीशनिंग के दौरान पांच फीसदी मशीनों में एक-एक मॉक पोल (Mock Poll) कराया जाता है और यह पर्ची उसी से जुड़ी हो सकती है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि “पुख्ता तौर पर कुछ भी नहीं कहा जा सकता है, यह तकनीक जांच का विषय है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही बरतने वाले कर्मियों को निलंबित किया जा रहा है। एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने पुष्टि की कि सरायरंजन थाना में विधिवत प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक अनुसंधान कराया जा रहा है। इस घटना ने बिहार चुनाव में एक नया सियासी मोड़ ला दिया है, जिसकी आंच चुनाव आयोग तक पहुंच गई है।