By, Shrikant Pratyush
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महागठबंधन में घमासान जारी, कौकब कादरी ने कहा-“बिहार में जल्द लागू हो सवर्ण आरक्षण”

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कांग्रेस ने सवर्ण बिल का दोनों सदनों में समर्थन किया है. वहीं उसकी सहयोगी पार्टी राजद ने इस बिल का विरोध किया है.

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महागठबंधन में घमासान जारी, कौकब कादरी ने कहा-“बिहार में जल्द लागू हो सवर्ण आरक्षण”

सिटी पोस्ट लाइव- सवर्णों को आर्थिक आधार पर मिलनेवाला 10% आरक्षण राज्यसभा से पास हो चुका है. लेकिन बिहार में इसका श्रेय लेने की होड़ सभी राजनीतिक दलों में मची है. सभी दल इसे अपना प्रमुख एजेंडा कह कर सवर्ण मतदताओं को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं. आरक्षण देने को लेकर एक तरफ जहा महागठबंधन में ही आपसी सहमती नहीं बन रही है तो उधर एनडीए से लगातार महागठबंधन पर कटाक्ष हो रहा है. इसी बीच बिहार कांग्रेस के सीनियर लीडर कौकब कादरी का एक बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने बिहार में जल्द सवर्ण आरक्षण लागू करने की मांग की है. आपको बता दें कि कांग्रेस ने सवर्ण बिल का दोनों सदनों में समर्थन किया है. वहीं उसकी सहयोगी पार्टी राजद ने इस बिल का विरोध किया है.

 

कौकब कादरी ने कहा है कि -“बिहार में सरकार जल्द से जल्द सवर्ण आरक्षण को लागू करे.” उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जब सवर्ण आरक्षण लागू कर दिया तो बिहार में इसे लाने में क्यों देर हो रही है. इसके साथ ही साथ उन्होंने कहा कि -“सरकार सभी दलों से बात कर जल्द सवर्ण आरक्षण को लोगू करे.” इधर राजद की ओर से लगातार सवर्ण आरक्षण का विरोध किया जा रहा है. आरक्षण के मुद्दे पर राज्यसभा में चर्चा के दौरान राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा ने बिल का खुलकर विरोध किया. उन्होंने कहा कि -“इस बिल को लेकर सरकार की नीति और नीयत दोनों के खिलाफ उनकी पार्टी है, इस तरह के बिल से साफ होता है कि सरकार ओबीसी और दलित विरोधी है.” हालांकि इससे पहले मंगलवार को भी लोकसभा में आरजेडी सांसद जय प्रकाश नारायण यादव ने सवर्ण आरक्षण का खुला विरोध किया था.

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राजद पार्टी की तरफ से बुधवार को राज्यसभा में चर्चा के दौरान मनोज झा ने कहा, ‘मैं 124वें संविधान संशोधन के विषय पर बोलने के लिए खड़ा हुआ हूं. सदन को भी बताना चाहता हूं और सड़क पर भी मौजूद लोगों को बताना चाहता हूं कि इस बिल का हमारी पार्टी विरोध करती है. हम सामाजिक न्याय वाले दल हैं और हमारे नेता ने हमेशा इसके लिए लड़ाई लड़ी है. हमारे नेता जो आज कई प्रताड़नाओं से गुजर रहे हैं, इसके पैरोकार में वो सबसे आगे थे. बहुत सारी मंजिल बाकी थी, एक छोटी-सी मंजिल हासिल हुई थी. लेकिन लोग अब हमसे पूछते हैं कि आपकी पोजिशन क्या है? हमारी पोजिशन है कि आप संविधान के मूल अवधारणाओं के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं.”आपको बता दें कि राजद सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव इन दिनों चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता हैं. वे स्वास्थ्य कारणों से रांची के रिम्स में भर्ती हैं. तथा महागठबंधन में सीट शेयरिंग नही हो सका है. ऐसा माना जा रहा है कि लालू प्रसाद ने ही सभी नेताओं को कहा था कि खरमास के बाद महागठबंधन में सीटों का बँटवारा हो जाएगा. लेकिन इसी बीच पीएम नरेन्द्र मोदी ने सवर्ण आरक्षण बिल का मास्टर स्ट्रोक खेल कर सभी को चौका दिया. न चाहकर भी कई पार्टियों ने इस बिल का समर्थन किया. लेकिन राजद का स्टैंड महागठबंधन के अन्य दलों से अलग रहा. अब कांग्रेस ने मौके की नजाकत को समझते हुए 20 सीटें मांगनी शुरू कर दी है. वहीं हम पार्टी सहित महागठबंधन के अन्य दलों में भी सीटों को लेकर नाराजगी है.

 

 

 

 

 

 

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