By, Shrikant Pratyush
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“उपेंद्र कुशवाहा का मानसिक संतुलन खो गया है,उन्हें इलाज़ की जरुरत है”- खुर्शीद आलम

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 बिहार में डीएनए पॉलिटिक्स पर सियासत तेज हो गयी है. उपेन्द्र कुशवाहा के बयान के बाद एनडीए में घमासान मच गया है. 

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“उपेंद्र कुशवाहा का मानसिक संतुलन खो गया है,उन्हें इलाज़ की जरुरत है”- खुर्शीद आलम

सिटी पोस्ट लाइव : बिहार में डीएनए पॉलिटिक्स पर सियासत तेज हो गयी है. उपेन्द्र कुशवाहा के बयान के बाद एनडीए में घमासान मच गया है. रोलसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की ओर से नीतीश कुमार की ​डीएनए रिपोर्ट मांगे जाने के बाद से बिहार में ​सियासी बवाल मचा हुआ है. वहीँ इस मामले में नीतीश सरकार में शामिल मंत्री खुर्शीद आलम ने उपेन्द्र कुशवाहा के खिलाफ बड़ा बयान दे दिया है. खुर्शीद आलम ने उपेन्द्र कुशवाहा को मानसिक रोगी बताया है.

 

 

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मंत्री खुर्शीद आलम ने उपेंद्र कुशवाहा पर हमला करते हुए कहा कि -“उनका मानसिक संतुलन खो गया है.” उन्हें किसी अच्छे डॉक्टर से इलाज कराने की जरूरत है. उनका माथा काम नहीं कर रहा है. मंत्री ने एक चैनल से बात करते हुए यह भी आरोप लगाया कि उपेंद्र कुशवाहा के वल मीडिया में बने रहने के लिए अर्नगल बयान देते रहते हैं.” इसके साथ ही खुर्शीद आलम ने कहा कि – “नीतीश कुमार से उनकी कोई तुलना ही नहीं है. नीतीश कुमार के समक्ष कुशवाहा कुछ भी नहीं है. नीतीश कुमार तो आकाश हैं. वे पारस पत्थर हैं.”

 

 

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गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर में 4 नवंबर को रालोसपा की ओर से आयोजित हल्ला बोल दरवाजा खोल कार्यक्रम में उपेंद्र कुशवाहा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से डीएनए रिपोर्ट मांग ली थी. इसके बाद तो एनडीए नेताओं की ओर से कुशवाहा पर चौतरफा हमला हो गया है. जदयू प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह और प्रवक्ता नीरज कुमार के अलावा केंद्रीय राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा से ऐसी उम्मीद नहीं थी.  वहीँ  मामले में भाजपा व जदयू ने सोमवार को खुलकर उपेंद्र कुशवाहा का विरोध किया था. जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा था कि -“कुशवाहा पूर्वाग्रह से ग्रसित हैं. फिर भी उन्हें नीतीश कुमार को लेकर इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए.” वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने भी कुशवाहा को बड़ी नसीहत देते हुए कहा था कि वे केंद्रीय मंत्री हैं. ऐसे में उन्हें इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए. वे बच्चा नहीं हैं कि उन्हें यह सब सीखने के लिए स्कूल जाने की जरूरत है.”

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