By, Shrikant Pratyush
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इस्तीफे के बाद बढ़ सकती है मेवालाल की मुश्किलें, राजभवन से मांगी गयी राय

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बिहार विधानसभा के 17वें सत्र की शुरुआत हो चुकी है और इसके साथ ही विपक्ष के नेता द्वारा हमले शुरू हो गए है. इसी बीच राजद ने नीतीश कुमार की सरकार पर हमले किये हैं. खबर की माने तो, पार्टी ने एक बार फिर सवाल किया है कि आपके नवरत्नों में अपराधी और भ्रष्टाचारी ही क्यों है और इनके मंत्रियों को भ्रष्टाचार बड़ी बात क्यों नहीं लगती है?

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सिटी पोस्ट लाइव: बिहार विधानसभा के 17वें सत्र की शुरुआत हो चुकी है और इसके साथ ही विपक्ष के नेता द्वारा हमले शुरू हो गए है. इसी बीच राजद ने नीतीश कुमार की सरकार पर हमले किये हैं. खबर की माने तो, पार्टी ने एक बार फिर सवाल किया है कि आपके नवरत्नों में अपराधी और भ्रष्टाचारी ही क्यों है और इनके मंत्रियों को भ्रष्टाचार बड़ी बात क्यों नहीं लगती है?

सूत्रों के मुताबिक, राजद ने पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ मेवालाल चौधरी पर सीधा निशाना साधा है. बता दें कि तारापुर के विधायक और बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के पूर्व कुलपति डॉ. मेवालाल चौधरी के मामले में एसएसपी आशीष भारती ने अभियोजन स्वीकृति के लिए बीएयू के कुलपति को पत्र लिखा है.

इसके बाद कुलपति डॉ. एके सिंह ने राजभवन से निर्देश लेने के साथ ही कानूनी विशेषज्ञों से राय लेने की तैयारी शुरू कर दी है. बीएयू में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति में हुए घोटाले में मेवालाल मुख्य आरोपी हैं. इसके साथ ही पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. मेवालाल चौधरी से जुड़े भ्र्ष्टाचार के मामले में वाइस चांसलर ने राजभवन से राय भी मांगी है.

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मालूम हो कि कोर्ट में आरोपपत्र समर्पित करने के लिए अभियोजन स्वीकृति आवश्यक है. इसी सिलसिले में एसएसपी आशीष भारती ने डॉ. मेवालाल और बीएयू के तत्कालीन सहायक निदेशक डॉ. एमके वाधवानी के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति के आदेश की मांग की है. खबर की माने तो, बीएयू प्रशासन सोमवार को इस पत्र का जवाब देगा. कुलपति डॉ. सिंह के मुताबिक, इस मामले में कानून विशेषज्ञों से राय लेने और राजभवन से निर्देश के बाद ही किसी भी तरह का निर्णय लिया जायेगा.

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