By, Shrikant Pratyush
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सांसद हुकुमदेव नारायण यादव को पद्म भूषण तो अभिनेता मनोज वाजपेयी को मिलेगा पद्मश्री

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इस वर्ष गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर कुल 112 लोगों को पद्म पुरस्‍कारों से सम्मानित किया जाएगा.

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सांसद हुकुमदेव नारायण यादव को पद्म भूषण तो अभिनेता मनोज वाजपेयी को पद्मश्री मिलेगा  

सिटी पोस्ट लाईव – आज गंणतंत्र दिवस पूरे भारत में हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. सुबह से ही लोग गणतंत्र दिवस को लेकर उत्साहित हैं. इस अवसर पर प्रत्येक वर्ष कि तरह इस वर्ष भी गणतंत्र दिवस के पूर्व संध्‍या पर पद्म पुरस्‍कारों की घोषणा कर दी गई है. इस वर्ष गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर कुल 112 लोगों को पद्म पुरस्‍कारों से सम्मानित किया जाएगा. इस बार 4 को पद्म विभूषण, 14 को पद्म भूषण और 94 को पद्मश्री सम्‍मान दिया जाएगा.

बिहार से कई नामचीन हस्तियों को ‘पद्म’ पुरस्कार देने की घोषणा की गई है. बीजेपी सांसद हुकुमदेव नारायण यादव को पद्म भूषण सम्मान दिया जाएगा. वहीं, फिल्म अभिनेता मनोज वाजपेयी को पद्मश्री अवॉर्ड देने की घोषणा की गई है. इसके अलावा बिहार से राजकुमारी देवी, भागीरथी देवी, ज्योति कुमार सिन्हा और गोदावरी दत्ता को भी पद्मश्री सम्मान दिया जाएगा. हुकुमदेव नारायण यादव फिलहाल बिहार के मधुबनी लोकसभा सीट से बीजेपी के सांसद हैं. हाल ही में उन्हें सर्वश्रेष्ठ सांसद पुरस्कार से नवाजा गया था. हुकुमदेव नारायण यादव को पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने पर बिहार बीजेपी के अध्यक्ष नित्यानंद राय ने इसे बिहार के लिए गौरव की बात कही है.

 

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फिल्म एक्टर मनोज वाजपेयी का जन्म 23 अप्रैल 1969 को पश्चिमी चंपारण जिले के छोटे से गांव बेलवा में हुआ था. उनकी प्रारंभिक शिक्षा बेतिया में हुई. इसके बाद दिल्ली के रामजस कॉलेज से उन्होंने अपनी आगे की पढ़ाई की. उन्होंने अपने फिल्मी कैरियर की शुरुआत शेखर कपूर निर्देशित फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’ से की. हालांकि उनकी पहचान फिल्म ‘सत्या’ से बनी. राम गोपाल वर्मा निर्देशित इस फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सह-अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला.1999 में आई फिल्म शूल में उनके किरदार के लिये उन्हें फिल्फेयर का सर्वोच्च अभिनेता पुरस्कार मिला था . बिहारी माटी के इस लाल ने न केवल बिहारियों को अपितु समूचे भारत को अपनी किरदार से मंत्रमुग्ध किया है तथा भारतीय फिल्म जगत में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. हालांकि मनोज वाजपेयी ने फिल्म की शुरुआत टेलीविजन से किया था. बता दें कि ये दोनों पुरस्कार संबंधित क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य के लिये दिया जाता है.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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