पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर नगिना सांसद चन्द्रशेखर आज़ाद का तीखा हमला, बोले– यह क़ानून का राज नहीं, सत्ता का अहंकार है

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर बिहार की सियासत में उबाल थमता नजर नहीं आ रहा है। राहुल गांधी के बाद अब आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने इस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने बिहार की एनडीए सरकार पर ‘दमन और बदले की राजनीति’ करने का आरोप लगाते हुए इसे सत्ता का अहंकार करार दिया है।

‘रात के अंधेरे में गिरफ्तारी डर का प्रतीक’
चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा कि पप्पू यादव की गिरफ्तारी सरकार की घबराहट को दर्शाती है। उन्होंने कहा: “रात के अंधेरे में एक लोकप्रिय सांसद की गिरफ्तारी बिहार सरकार के डर और दमनकारी नीति का खुला ऐलान है। जो सत्ता जनता के सवालों से घबरा जाती है, वही आधी रात को जननेताओं को निशाना बनाती है। बीमारी के बावजूद इस तरह की कार्रवाई सत्ता की संवेदनहीनता और क्रूर मानसिकता को उजागर करती है।” आजाद ने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि बिहार की जनता सब समझ रही है और तानाशाही के खिलाफ यह लड़ाई अब और तेज होगी।

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अस्पताल में ‘हाई-वोल्टेज’ ड्रामा: जान को खतरे का आरोप
शुक्रवार देर रात गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव की तबीयत बिगड़ने की खबरें आईं, जिसके बाद उन्हें IGIMS (पटना) लाया गया। शनिवार सुबह उन्हें स्ट्रेचर पर PMCH शिफ्ट किए जाने की खबरों ने सियासी हलकों में खलबली मचा दी। सांसद के निजी सचिव ने फेसबुक पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि पप्पू यादव को रात भर IGIMS में बिना उचित इलाज के स्ट्रेचर पर रखा गया। उन्होंने प्रशासन पर ‘जान लेने की साजिश’ रचने का सनसनीखेज आरोप लगाया और कहा कि NEET परीक्षार्थी की मौत के मामले में आवाज उठाने की वजह से उनके साथ अपराधियों जैसा सुलूक किया जा रहा है।

पुलिस का पक्ष: ‘यह केवल अदालती आदेश का पालन’
इन तमाम राजनीतिक आरोपों के बीच पटना के सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से एक कानूनी प्रक्रिया है। पुलिस का कहना है कि यह मामला 1995 का है और कोर्ट द्वारा वारंट जारी किए जाने के बाद ही गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई है। पुलिस ने साफ किया कि कानून सबके लिए बराबर है और इसमें किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं है।

फिलहाल पप्पू यादव पुलिस कस्टडी में हैं और उनका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। इस घटनाक्रम ने बिहार में विपक्ष को एकजुट होने का एक नया मुद्दा दे दिया है।

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