सिटी पोस्ट लाइव
बिहार में एनडीए की प्रचंड जीत और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के रिकॉर्ड 10वीं बार सीएम बनने के बाद भी, जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अंदर उनके बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री को लेकर कयासों का बाजार गर्म है। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता अब खुलकर निशांत कुमार पर राजनीति में आने का दबाव बना रहे हैं, जिससे वह जल्द से जल्द कोई फैसला लें।
सड़क पर उतरे निशांत के समर्थक: ‘नीतीश सेवक मांगे निशांत’
आम तौर पर मीडिया और लाइमलाइट से दूर रहने वाले निशांत कुमार को लेकर एक बार फिर पटना की सड़कों पर पोस्टरबाजी शुरू हो गई है। ये पोस्टर जेडीयू कार्यकर्ता कृष्ण पटेल ने लगवाए हैं, जिन पर साफ तौर पर लिखा है: “नीतीश सेवक मांगे निशांत… अब पार्टी की कमान संभालें निशांत भाई।” यह पोस्टरबाजी पार्टी कार्यकर्ताओं के उस बढ़ते दबाव को दर्शाती है, जिसमें वे जेडीयू के भविष्य के नेतृत्व को लेकर एक स्पष्टता चाहते हैं।
संजय झा ने भी दिया था निमंत्रण
यह पहली बार नहीं है जब निशांत कुमार को राजनीति में आने का न्योता दिया गया है। इससे पहले, जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने भी सार्वजनिक मंच से निशांत कुमार को राजनीति में शामिल होने का निमंत्रण दिया था, हालांकि, उन्होंने अंतिम फैसला निशांत पर ही छोड़ दिया था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में प्रवेश करते हैं, तो इससे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कई महत्वपूर्ण मुश्किलें हल हो सकती हैं, क्योंकि उनके आने से नीतीश कुमार को एक योग्य और सर्वमान्य उत्तराधिकारी मिल जाएगा, जिससे नेतृत्व परिवर्तन की अनिश्चितता समाप्त होगी; साथ ही जेडीयू को एक युवा और नया चेहरा मिलेगा जो पार्टी को युवाओं के बीच फिर से स्थापित करने में मदद कर सकता है, और इसके अलावा, पार्टी के अंदर नेतृत्व को लेकर बनी अनिश्चितता या टूटने की आशंका भी समाप्त हो जाएगी, जिससे पार्टी एकजुट रहेगी।
तेजस्वी यादव की बढ़ सकती है परेशानी
दूसरी ओर, निशांत कुमार की एंट्री से राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की परेशानी बढ़ सकती है। तेजस्वी यादव अक्सर सीएम नीतीश कुमार की बढ़ती उम्र को लेकर उन पर निशाना साधते रहते हैं, लेकिन निशांत कुमार के सक्रिय होने के बाद उन्हें एक युवा और तेज प्रतिद्वंदी मिल जाएगा, जिस पर उम्र को लेकर हमला करना संभव नहीं होगा। इससे बिहार की युवा केंद्रित राजनीति में मुकाबला और भी दिलचस्प हो जाएगा।
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले भी जेडीयू में निशांत कुमार को कमान सौंपने की मांग उठी थी, लेकिन तब निशांत ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। एनडीए ने नीतीश कुमार के चेहरे पर चुनाव लड़ा और सत्ता में वापसी की। अब सत्ता में वापसी के बाद एक बार फिर यह मांग तेज हो गई है।