By, Shrikant Pratyush
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एक शब्जी बदल देगी आपका जीवन, दिलायेगी असाध्य बीमारियों से निजात

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इसका औषधीय नाम मार्कुला एस्क्यूपलेटा है.यह स्पंज मशरूम के नाम से देश भर में मशहूर है. यह गुच्छी स्वाद में बेजोड़ और कई औषधियों गुणों से भरपूर हैं. यह गुच्छी चंबा, कुल्लू, शिमला, मनाली सहित प्रदेश के कई जिलों के ऊंचे पहाड़ी इलाके के घने जंगलों में कुदरती रूप से पाई जाती है. लेकिन यह शब्जी बहुत महंगी है.सभी असाध्य बीमारियों की अचूक दवा है यह शब्जी .

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एक शब्जी बदल देगी आपका जीवन, दिलायेगी असाध्य बीमारियों से निजात

सिटी पोस्ट हेल्थ: क्या आप जानते हैं कि एक शब्जी के सेवन से आपका जीवन बदल सकता है. आपको कई गंभीर बीमारियों से छुटकारा मिल सकता है. औषधीय गुणों से भरपूर इस एक शब्जी के  नियमित सेवन से हृदयरोग और  मोटापा, सर्दी, जुकाम,प्रोस्टेट व स्तन कैंसर, ट्यूमर जैसी बीमारियों से छुटकारा मिल सकता है. यह शब्जी कीमोथेरेपी से आने वाली कमजोरी दूर करने में और सूजन दूर करने में लाभदायक है.

आखिर ये कौन सी एक शब्जी है जो आपको इतनी गंभीर बीमारियों से बचा सकती है. जान लीजिये- इसका औषधीय नाम मार्कुला एस्क्यूपलेटा है. यह स्पंज मशरूम के नाम से देश भर में मशहूर है. यह गुच्छी स्वाद में बेजोड़ और कई औषधियों गुणों से भरपूर हैं. यह गुच्छी चंबा, कुल्लू, शिमला, मनाली सहित प्रदेश के कई जिलों के ऊंचे पहाड़ी इलाके के घने जंगलों में कुदरती रूप से पाई जाती है. लेकिन यह शब्जी बहुत महंगी है.

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इस शब्जी में बी कॉम्प्लैक्ट विटामिन, विटामिन डी और कुछ जरूरी एमीनो एसिड पाए जाते हैं. इसकी मांग सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि यूरोप, अमेरिका, फ्रांस, इटली और स्विटरलैंड जैसे देशों में भी है.30,000 रुपये प्रति किलो बिकने वाली गुच्छी को स्पंज मशरूम भी कहा जाता है. यह सब्जी हिमाचल, कश्मीर और हिमालय के ऊंचे पर्वतीय इलाकों में बर्फ पिघलने के कुछ दिन बाद ही उगती है. इस सब्जी का उत्पादन पहाड़ों पर बिजली की गडग़ड़ाहट और चमक से निकलने वाली बर्फ से होता है. प्राकृतिक रूप से जंगलों में उगने वाली गुच्छी शिमला जिले के लगभग सभी जंगलों में फरवरी से लेकर अप्रैल माह के बीच तक ही मिलती है.

इस महंगी दुर्लभ और फायदेमंद सब्जी को बड़ी-बड़ी कंपनियां और होटल हाथों-हाथ खरीद लेते हैं. इन लोगों से गुच्छी बड़ी कंपनियां 10 से 15 हजार रुपये प्रति किलो में खरीद लेते हैं, जबकि बाजार में इस गुच्छी की कीमत 25 से 30 हजार रुपये प्रति किलो तक है. यह सब्जी केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अमेरिका, यूरोप, फ्रांस, इटली और स्विजरलैंड जैसे देशों में भी गुच्छी की भारी मांग है. फरवरी से मार्च के महीने में प्राकृतिक रूप से पैदा होने वाली इस गुच्छी की पैदावार कम होने से इसके अच्छे दाम मिलते हैं.इसका इस्तेमाल कई बीमारियों की दवाइयों के निर्माण में भी होता है.

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