बिहार की सियासत में एक बार फिर गर्मी बढ़ गई है। महागठबंधन के भीतर से उठ रही नाराज़गी अब खुले बयान में बदलती दिख रही है। सहरसा विधायक और इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (IIP) के अध्यक्ष आईपी गुप्ता ने दावा किया है कि उन्हें NDA की ओर से फोन आया है और वे गठबंधन बदलने को तैयार हैं। लेकिन उन्होंने अपनी एक अहम शर्त भी रखी है। उनका यह रुख न सिर्फ महागठबंधन की पहले से डगमगाती स्थिति को बड़ा झटका दे सकता है, बल्कि आगामी राजनीतिक समीकरणों में भी बड़ा बदलाव ला सकता है।
सहरसा विधायक और IIP प्रमुख आईपी गुप्ता ने महागठबंधन के लिए नई मुश्किल खड़ी कर दी है। साथ ही स्पष्ट कर दिया है कि वे NDA में शामिल होने को तैयार हैं, पर उनकी सबसे बड़ी शर्त तांती–ततवा समाज को SC श्रेणी में शामिल करने की है। उनका कहना है कि यह फैसला केवल केंद्र सरकार ले सकती है और यदि NDA इस मांग पर सहमति जता देता है, तो वे तुरंत पाला बदल देंगे। और दावा करते हुए कहा है कि बिहार में तांती–ततवा समाज की आबादी 80 लाख से 1 करोड़ के बीच है, लेकिन इतने बड़े समुदाय को अब तक ना तो राजनीतिक हिस्सेदारी मिली है, ना ही सामाजिक न्याय। उन्होंने विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी द्वारा महागठबंधन को ट्रांसफर किए गए वोटों का भी ज़िक्र किया और कहा कि NDA इसी वोटबैंक की अहमियत समझकर उन्हें अपने साथ जोड़ना चाहता है। बता दें, प्रमुख के अनुसार, तांती समाज लंबे समय से आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़ा हुआ है। वहीं, महागठबंधन की करारी हार पर उन्होंने दो-टूक कहा कि गठबंधन के नेताओं को अब आत्ममंथन की ज़रूरत है।
गुप्ता की यह घोषणा न सिर्फ राजनीतिक पैंतरेबाज़ी का संकेत देती है, बल्कि आने वाले दिनों में बिहार की सियासत में बड़े फेरबदल की ओर भी इशारा करती है। NDA उनकी शर्त मानता है या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन इतना तय है कि उनका रुख महागठबंधन के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। तांती–ततवा समाज की आवाज़ को केंद्र में रखकर गुप्ता जिस तरह अपनी राजनीतिक दिशा तय कर रहे हैं, उससे आने वाले हफ्तों में राज्य की राजनीति का तापमान और बढ़ना तय माना जा रहा है।