सिटी पोस्ट लाइव
बिहार में नई सरकार के गठन के तुरंत बाद, चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नवगठित मंत्रिमंडल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शुक्रवार को दावा किया कि नीतीश कुमार सरकार का यह नया मंत्रिमंडल ‘भ्रष्टाचारी और आपराधिक पृष्ठभूमि’ वाले नेताओं से भरा पड़ा है।
पश्चिम चंपारण के गांधी आश्रम में दिन भर का मौन व्रत समाप्त करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए किशोर ने अपने आरोपों से बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि गुरुवार को शपथ लेने वाले मंत्रियों की यह परिषद बिहार की जनता के मुंह पर एक तमाचा है।
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया, “नीतीश कुमार का नया मंत्रिमंडल, जिसने गुरुवार को शपथ ली है, वह भ्रष्टाचारियों और अपराधियों से भरा है। मैं यह कह सकता हूँ कि यह मंत्रिपरिषद बिहार की जनता के चेहरे पर एक तमाचा है। कई भ्रष्ट नेताओं को शामिल करके यह घावों पर नमक छिड़कने जैसा है।”
किशोर ने दावा किया कि इस मंत्रिमंडल में शामिल किए गए नेताओं की प्रकृति और उनका रिकॉर्ड स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार की चिंता बिल्कुल नहीं कर रहे हैं। उनके अनुसार, शीर्ष नेतृत्व ने जनता के हितों की अनदेखी करते हुए दागी नेताओं को महत्वपूर्ण पद दिए हैं।
प्रशांत किशोर ने इस दौरान अपनी पार्टी के आगामी राजनीतिक कार्यक्रम की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी जन सुराज 15 जनवरी से ‘बिहार नवनिर्माण संकल्प यात्रा’ शुरू करेगी। इस यात्रा के दौरान जन सुराज पार्टी के कार्यकर्ता राज्य के हर घर तक पहुँचेंगे और लोगों से संवाद स्थापित करेंगे।
किशोर के ये आरोप ऐसे समय में आए हैं जब नई सरकार ने अभी-अभी कामकाज शुरू किया है। उनके इन बयानों से स्पष्ट है कि आगामी महीनों में, खासकर 15 जनवरी को यात्रा शुरू होने के बाद, बिहार की राजनीति में भ्रष्टाचार और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं के मुद्दे पर तीखी बहस छिड़ सकती है। प्रशांत किशोर लगातार ‘जन सुराज’ अभियान के माध्यम से बिहार की राजनीति को साफ-सुथरा बनाने और मुद्दों पर आधारित राजनीति करने की वकालत करते रहे हैं।