सिटी पोस्ट लाइव
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने एक बार फिर नीतीश कुमार की सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने पटना में भाजपा नेता और बड़े व्यवसायी गोपाल खेमका की हत्या के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “लालू के जंगलराज और नीतीश के शासन में अब कोई बड़ा फर्क नहीं बचा है।”
प्रशांत किशोर ने कहा कि लालू यादव के राज में जहां अपराधियों का तांडव था, वहीं नीतीश कुमार के राज में अधिकारियों का तांडव है। उन्होंने बिहार में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि “पटना जैसे शहर में एक बड़े व्यापारी को दिनदहाड़े गोली मार दी जाती है, और अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।”
उन्होंने सिवान की हालिया घटना का भी जिक्र किया जहां तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई और बचे लोगों पर गाड़ी चढ़ा दी गई। प्रशांत किशोर ने कहा कि “बिहार में हर दिन यही स्थिति बनती जा रही है। लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है क्योंकि नीतीश कुमार का अब कोई इकबाल नहीं रह गया है।”
अशोक चौधरी पर भी निशाना
प्रशांत किशोर ने शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी पर भी हमला बोलते हुए कहा कि “वे सर्वदलीय नेता बन चुके हैं — कभी कांग्रेस में, कभी जदयू में, और शायद हर दल में।” उन्होंने आरोप लगाया कि “चुनाव बाद जनता उन्हें बेरोजगार करने वाली थी, इसलिए बिना प्रक्रिया के 58 साल की उम्र में पटना यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर बन बैठे।”
बदलाव की बात
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार की जनता अब 30 वर्षों से लालू-नीतीश के शासन से तंग आ चुकी है। राज्य के लोग अब एक नई व्यवस्था, बेहतर शिक्षा, और रोजगार की संभावना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि “बिहार की जनता बदलाव के लिए तैयार है और अब झूठे वादों में फंसने वाली नहीं है।”