By, Shrikant Pratyush
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विश्वविद्यालयों का एक एकेडमिक कैलेंडर बनाने की तैयारी: राज्यपाल

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झारखंड की राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू ने कहा कि राज्य के सभी विश्वविद्यालय का एकेडमिक कैलेंडर समरूप करने की दिशा में हो कार्य हो रहा है।

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विश्वविद्यालयों का एक एकेडमिक कैलेंडर बनाने की तैयारी: राज्यपाल
सिटी पोस्ट लाइव, मेदिनीनगर: झारखंड की राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू ने कहा कि राज्य के सभी विश्वविद्यालय का एकेडमिक कैलेंडर समरूप करने की दिशा में हो कार्य हो रहा है। एकता के साथ-साथ राष्ट्रसेवा आवश्यक है। करनी और कथनी एक समान होने से ही देश का विकास होगा। राष्ट्र के पुनर्निर्माण में युवा आगे आयें और अपनी रचनात्मक ऊर्जा का इस्तेमाल देश के विकास के लिए करें।
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राज्यपाल मुर्मू यहां पलामू जिले के मेदिनीनगर स्थित शिवाजी मैदान में कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रही थीं। राज्यपाल ने वीर स्वतंत्रता सेनानी नीलांबर-पीतांबर तथा चेरो राजवंश के प्रतापी राजा मेदिनीराय को भी नमन किया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद की चर्चा करते हुए कहा कि छात्र-युवा शक्ति ही देश शक्ति है।
उन्होंने कहा कि युवा शक्ति देश के लिए हैं, वे देश के विकास में अपनी उर्जा लगायें। रोजगार के लिए युवाओं को इनोवेटिव आइडिया रखना होगा। सरकार के लिये सभी व्यक्तियों को रोजगार देना संभव नहीं है। इसके लिए खुद भी सकारात्मक प्रयास करना होगा। उन्होंने पलामू का इतिहास और प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक स्थलों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि कुलाधिपति के रूप में उन्होंने विश्वविद्यालयों में सकारात्मक माहौल बनाने का प्रयास किया है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सभी विश्वविद्यालय का एकेडिमक कैलेंडर समरूप हों तथा उसके अनुरूप कार्य हों, इस दिशा में कार्य किये जा रहे हैं।
समाज को सही दिशा देना छात्र संगठन का दायित्व
राज्यपाल ने कहा कि किसी छात्र संगठन का दायित्व समाज को सही दिशा प्रदान करने के लिये प्रेरित करना है। वे युवाओं को उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिये प्रेरित करें। साथ ही अपने गांव-पड़ोस को भी शिक्षा के प्रति सजग करें। राज्यपाल ने कहा कि रांची विश्वविद्यालय से वर्ष 2009 में विभाजित होकर पलामू प्रमंडल में नीलांबर-पितांबर विश्वविद्यालय का सृजन किया गया था। इसे अपने को उत्कृष्ट विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित करने की दिशा में सामूहिक तौर पर गहनतापूर्वक ध्यान देना होगा। सत्र के नियमितीकरण, परीक्षा का समय पर संचालन तथा परीक्षाफल का समय पर प्रकाशन, विद्यार्थियों को अंक-पत्र सहित अन्य प्रमाण पत्र ससमय सुलभ करना एक बड़ी चुनौती थी।
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