सिटी पोस्ट लाइव
CJI बीआर गवई ने आज, बुधवार को दिल्ली-NCR की सड़कों से आवारा कुत्तों पर लगे प्रतिबंध पर पुनर्विचार करने का आश्वासन दिया है। कुछ दिन पहले कोर्ट ने स्ट्रे डॉग्स को शेल्टर होम भेजने का आदेश दिया था। जिस पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने इसका विरोध जताया है।
दरअसल, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बीआर गवई ने आज दिल्ली-NCR की सड़कों से आवारा कुत्तों पर लगे प्रतिबंध पर पुनर्विचार करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने एक सीनियर एडवोकेट की याचिका पर सुनवाई करते हुए टिप्पणी की। याचिकाकर्ता ने कॉन्फ्रेंस फॉर ह्यूमन राइट्स की याचिका का भी कोर्ट में जिक्र करते हुए बताया कि एनिमल बर्थ कंट्रोल (डॉग) रूल, 2001, का पालन नहीं किया जा रहा है। नियम के अनुसार, आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी को कम करने के लिए नियमित नसबंदी और टीकाकरण कार्यक्रमों को जरूरी बनाता है। कोर्ट के इस फैसले पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा- ये दशकों से चली आ रही मानवीय और साइंटिफिक पॉलिसी से पीछे ले जाने वाला कदम है। ये बेजुबान पशु कोई ‘समस्या’ नहीं हैं, जिन्हें हटाया जाए। वहीं, प्रियंका गांधी ने प्रतिकेरिया देते हुए कहा- कुत्ते सबसे सुंदर और कोमल प्राणी होते हैं, वे इस तरह की क्रूरता के लायक नहीं हैं। आवारा कुत्तों को कुछ ही हफ्तों में शेल्टर होम भेजने का फैसला उनके साथ बेहद अमानवीय व्यवहार होगा। उन्हें रखने के लिए जरूरी शेल्टर होम भी नहीं हैं। शहर में जानवरों के साथ दुर्व्यवहार और क्रूरता होती है। निश्चित रूप से इस स्थिति से निपटने का एक बेहतर और एक मानवीय तरीका खोजा जा सकता है जिससे इन मासूम जानवरों की देखभाल की जा सके और उन्हें सुरक्षित भी रखा जा सके।
हालांकि, 2019 के सरकारी डेटा के अनुसार, देश में ओडिशा में सबसे अधिक 1000 लोगों पर 39.7 कुत्ते हैं। वहीं, लक्षद्वीप-मणिपुर में कोई कुत्ते नहीं है। बता दें कि दुनिया में नीदरलैंड्स इकलौता देश है, जहां एक भी आवारा कुत्ते नहीं हैं। देश में आवारा कुत्तों काटने के मामले में महाराष्ट्र(4,85,345) सबसे ऊपर है। और बिहार(2,62,930) भी 5वें स्थान पर है।