राष्ट्रीय सब जूनियर कबड्डी चैंपियनशिप में राजस्थान और हरियाणा ने दर्ज की शानदार जीत

Rahul
By Rahul

सिटी पोस्ट लाइव

गया। गया के रसलपुर में आयोजित 34वीं राष्ट्रीय सब जूनियर कबड्डी प्रतियोगिता में राजस्थान और हरियाणा की टीमों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में बालिका वर्ग में राजस्थान और बालक वर्ग में हरियाणा ने चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। बालिका वर्ग के फाइनल मुकाबले में राजस्थान ने हरियाणा को 39-37 के करीबी अंतर से हराकर खिताब जीता, वहीं बालक वर्ग में हरियाणा ने राजस्थान को 55-41 से मात देकर विजेता ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

प्रतियोगिता का आयोजन और प्रदर्शन

यह चैंपियनशिप एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में बिहार राज्य कबड्डी संघ द्वारा आयोजित की गई थी। पूरे देश से विभिन्न राज्यों की टीमों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया और रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। टूर्नामेंट के दौरान युवा खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिससे कबड्डी के उज्ज्वल भविष्य की झलक देखने को मिली।

बालिका वर्ग में जहां राजस्थान की टीम ने हरियाणा को हराकर खिताब जीता, वहीं उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु की टीमों ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त किया। दूसरी ओर, बालक वर्ग में हरियाणा के बेहतरीन खेल के आगे राजस्थान को हार का सामना करना पड़ा, जबकि राजस्थान और गोवा की टीमें संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहीं।

बिहार की टीम का सफर

इस प्रतियोगिता में बिहार की टीम ने भी चुनौती पेश की, लेकिन क्वार्टर फाइनल में उसे राजस्थान से हार का सामना करना पड़ा, जिससे वह खिताबी दौड़ से बाहर हो गई। बालक वर्ग में साइ (SAI) की टीम ने राजस्थान को हराकर फाइनल में जगह बनाई और शानदार प्रदर्शन किया।

विजेताओं का सम्मान और समापन समारोह

प्रतियोगिता के समापन समारोह में विजेता और उपविजेता टीमों को सम्मानित किया गया। भारत सरकार के लघु और मध्यम वर्ग उद्यम विभाग के केंद्रीय मंत्री और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने विजेता टीमों को मोमेंटो देकर पुरस्कृत किया। इस मौके पर कबड्डी महासंघ के हितेश सिक्का और फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव जितेंद्र ठाकुर भी मौजूद रहे।

कबड्डी के प्रति बढ़ती रुचि और भविष्य की संभावनाएं

यह प्रतियोगिता न सिर्फ खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुई, बल्कि इससे पूरे देश में कबड्डी के बढ़ते प्रभाव और युवाओं की रुचि को भी बल मिला। विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और यह साबित किया कि कबड्डी भारत की जड़ों से जुड़ा एक मजबूत खेल है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की अपार संभावनाएं हैं। आने वाले वर्षों में इस तरह की प्रतियोगिताओं से युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के और भी अधिक अवसर मिलेंगे, जिससे भारत में कबड्डी का भविष्य और अधिक उज्ज्वल होगा।

Share This Article