By, Shrikant Pratyush
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‘वंदे मातरम’ के जरिये तेजस्वी ने नीतीश पर साधा निशाना कहा,हाय-हाय ये मजबूरी

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लोकसभा चुनावों के बीच बिहार में एक दुसरे पर सोशल मिडीया के सहारे निशाना साधने का सिलसिला जारी है. एक बार फिर से प्रतिपक्ष नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीटर पर वीडियो के सहारे नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने बीते 25 अप्रैल को दरभंगा में एनडीए की एक रैली का वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि ‘हाय-हाय ये मजबूरी’

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‘वंदे मातरम’ के जरिये तेजस्वी ने नीतीश पर साधा निशाना कहा, हाय-हाय ये मजबूरी

सिटी पोस्ट लाइव- लोकसभा चुनावों के बीच बिहार में एक दुसरे पर सोशल मिडीया के सहारे निशाना साधने का सिलसिला जारी है. एक बार फिर से प्रतिपक्ष नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीटर पर वीडियो के सहारे नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने बीते 25 अप्रैल को दरभंगा में एनडीए की एक रैली का वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि ‘हाय-हाय ये मजबूरी’. दरअसल, शेयर किए गए इस वीडियो में दिख रहा है कि पीएम मोदी ने अपने भाषण के अंत में लोगों से वंदे मातरम के नारे लगवाए. इस दौरान मंच पर मौजूद सभी नेताओं ने भी काफी जोश से वंदे मातरम के उद्घोष किया, लेकिन मंच पर मौजूद नीतीश कुमार इसपर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं. यह सारा प्रकरण विडियो में कैद है.

तेजस्वी यादव ने इस वीडियो के जरिये नीतीश कुमार को एक ‘मजबूर नेता’ ठहराते हुए बीजेपी को जहरीली पार्टी करार देने की कोशिश की है. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ‘खाली मेरे चाचा पर विशेष नज़र बनाए रखिए, प्यारे नीतीश चाचा, आपने अपना क्या हाल बना लिया है. शायद अब घुटन नहीं होगी, क्योंकि जहरीले लोग साथ जो हैं. हाय-हाय ये मजबूरी, ये मौसम और ये दूरी, मुझे पल-पल है तड़पाये…तेरी दो टकिये की नौकरी में मेरा लाखों का सावन जाए…हाय-हाय ये मजबूरी.’

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तेजस्वी यादव के द्वारा ट्वीटर पर पोस्ट किये गए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि भाषण के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने जोर-जोर से वंदे मातरम-वंदे मातरम का नारा लगाया. भीड़ और मंच पर बैठे नेता मुट्ठी बांध कर, हवा में हाथ उठा कर वंदे मातरम…वंदे मातरम करने लगे. यहां तक कि रामविलास पासवान भी वंदे मातरम…वंदे मातरम करने लगे. मगर नीतीश कुमार बचने की कोशिश करते रहे. इस वीडियो को एक यूजर ने भी शेयर किया है.

बता दें कि नीतीश कुमार अपनी छवि को हमेशा से धर्मनिरपेक्ष के रूप में दिखाते रहे हैं. वे ऐसा कोई भी विवाद में नहीं फंसना चाहते हैं जिससे अल्प्सख्य्कों का वोट उनसे दूर जाए. इस कारण से किसी भी विवादित नारों से वे बचते रहे हैं. हालांकि उनकी यह सियासी मजबूरी है कि उन्हें बीजेपी के साथ मंच भी शेयर करना पड़ता है. समय -समय पर नीतीश इस बात को मंचों से कहते भी रहे हैं.

जे.पी.चंद्रा की रिपोर्ट

 

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