By, Shrikant Pratyush
News 24X7 Hour

CBI निदेशक आलोक वर्मा को हटाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट का सरकार से बड़ा सवाल

Above Post Content
0

 आज गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई में डाईरेक्टर रहे आलोक वर्मा के मामले पर सुनवाई की. मामले की सुनवाई मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई की बेंच कर रही है.

Below Featured Image

CBI निदेशक आलोक वर्मा को हटाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट का सरकार से बड़ा सवाल

सिटी पोस्ट लाइव : सीबीआई में डायरेक्टर आलोक वर्मा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने आज  गुरुवार को सुनवाई की. इस मामले की सुनवाई कर रही मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई की बेंच ने सरकार की कारवाई को लेकर बड़ा सवाल किया है. केंद्र सरकार ने सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा से अधिकार वापस लेकर उन्हें छुट्टी पर भेज दिया था. यह सुनवाई आलोक वर्मा की उस याचिका पर हो रही है, जिसमें उन्होंने सरकार के इस फैसले को चुनौती दी है.

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश रंजन गोगोई ने सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के महा-अधिवक्ता तुषार मेहता से पूछा कि सीबीआई के दो सीनियर अधिकारियों के बीच एक ही रात में तो यह लड़ाई शुरू नहीं हुई होगी. ऐसे में केंद्र सरकार ने चयन समिति से सलाह लिये बिना डायरेक्टर आलोक वर्मा को उनकी शक्तियों से कैसे वंचित कर दिया?

Also Read

चीफ जस्टिस ने यह भी पूछा कि आलोक वर्मा को उनकी शक्तियों से वंचित करने से पहले सरकार को चयन समिति से परामर्श लेने में कोई प्रॉब्लम थी? सरकार ने 23 अक्तूबर को जो यह निर्णय लिया, इसके लिए किसने प्रेरित किया? मीडिया में आ रही खबर के अनुसार कोर्ट ने कहा कि जब वर्मा कुछ महीनों बाद ही रिटायर होनेवाले हैं तो केंद्र ने कुछ महीने और इंतजार क्यों नहीं किया.

हालांकि केंद्र की ओर से आए महाधिवक्ता तुषार मेहता ने सफाई दी और कहा कि इस मामले में असाधारण स्थिति पैदा हो गई थी.जिस तरह से असाध्य  रोग को समाप्त करने के लिए कभी-कभी असाधारण इलाज की जरूरत होती है,उसी तरह से  दोनों अधिकारी जिस तरह से आपस में लड़  थे और गंभीर मसलों की जांच करने के बजाए एक-दूसरे के खिलाफ मामले की जांच कर रहे थे, यह कारवाई जरुरी हो गई थी.

गौर​तलब है कि सीबीआई के आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है. दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने अचानक 23 अक्टूबर को आलोक वर्मा को रातों-रात छुट्टी पर भेज दिया था, साथ ही उन्हें उनकी शक्तियों से भी वंचित कर दिया था. इसके बाद वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. इसी पर सुनवाई चल रही है.कोर्ट के आज के सवाल से साफ़ है कि सरकार की कारवाई से कोर्ट संतुष्ट नहीं है.

यह भी पढ़ें – शराब पीकर शराबबंदी वाले सीएम के घर पहुंचा यह युवक,सुरक्षाकर्मियों को थाने में देनी पड़ी सूचना

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Leave A Reply

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More