सिटी पोस्ट लाइव
सहरसा मंडल कारा में बंद 75 वर्षीय विचाराधीन बंदी विष्णुदेव शर्मा की शुक्रवार सुबह सहरसा सदर अस्पताल में इलाज के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
जेल प्रशासन के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 4:30 बजे विष्णुदेव शर्मा की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। दुर्भाग्यवश, इलाज के क्रम में उनकी मृत्यु हो गई। मृतक विष्णुदेव शर्मा सहरसा जिले के बिहरा थाना अंतर्गत बिजलपुर वार्ड 11 के निवासी थे। उन्हें लगभग दो महीने पहले ही वर्ष 2021 के एक जमीन विवाद से जुड़ी मारपीट के मामले में जेल भेजा गया था। उनके बेटे चंदन और अशोक को शुक्रवार सुबह 7 बजे पुलिस द्वारा पिता की मौत की सूचना दी गई।
परिजनों ने उठाए सवाल:
विष्णुदेव शर्मा के परिजनों ने जेल प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके बेटे अशोक शर्मा ने बताया कि उन्होंने बुधवार को सुबह 10 बजे अपने पिता से मुलाकात की थी और उस समय वे पूरी तरह स्वस्थ थे। अचानक हुई इस मौत से पूरा परिवार सदमे में है और उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।
सदर अस्पताल के कार्यपालक पदाधिकारी अवधेश प्रसाद ने जानकारी दी कि मौत के कारणों की पुष्टि के लिए मेडिकल बोर्ड की निगरानी में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। सहरसा सदर थाना के सब इंस्पेक्टर कमलाकांत तिवारी ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। यह मामला जेल में बंद विचाराधीन कैदियों की स्वास्थ्य सुरक्षा और जेल प्रशासन की जवाबदेही पर कई सवाल खड़े करता है। परिजनों की मांग के बाद अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।