तेज प्रताप यादव का ‘जयचंद’ खुलासा: राजद के 5 बड़े नेताओं पर पीठ में छुरा घोंपने का आरोप

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार की सियासत में इस समय भूचाल आया हुआ है। जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए राजद (RJD) के भीतर सक्रिय उन चेहरों को बेनकाब किया है, जिन्हें उन्होंने ‘आधुनिक जयचंद’ करार दिया है। तेज प्रताप का आरोप है कि उन्हें पार्टी और परिवार से निकालने के पीछे कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि एक गहरी साजिश थी।

इन 5 नामों ने मचाई खलबली
तेज प्रताप यादव ने बिना किसी हिचकिचाहट के राजद के पांच कद्दावर और करीबी नेताओं—मुकेश रौशन, संजय यादव, रमीज खान, शक्ति सिंह और सुनील सिंह—पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि इन लोगों ने “जयचंद” की भूमिका निभाकर उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार करवाया और उनकी छवि को एक अपराधी के रूप में पेश करने की गहरी साजिश रची।

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अनुष्का यादव प्रकरण और सोशल मीडिया की साजिश
मई 2025 में अनुष्का यादव के साथ रिश्तों को लेकर वायरल हुई तस्वीरों पर सफाई देते हुए तेज प्रताप ने कहा कि यह सब उनकी छवि बिगाड़ने के लिए किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया, “मेरा अनुष्का से कोई लेना-देना नहीं है। तस्वीरें अकाउंट हैक करके वायरल की गईं और फिर उन्हें डिलीट कर दिया गया ताकि संदेह पैदा हो।”

उन्होंने छात्र राजद के कुछ कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाया कि वे इन ‘जयचंदों’ के इशारे पर उनके चरित्र हनन की मुहिम चला रहे थे। तेज प्रताप ने भावुक होते हुए कहा कि जिस तरह उनके पिता लालू प्रसाद यादव को झूठे मुकदमों में फंसाया गया, उसी तरह आज उन्हें भी घेरा जा रहा है।

प्रधानमंत्री से मुलाकात और कानूनी लड़ाई का ऐलान
तेज प्रताप अब इस मामले को दिल्ली तक ले जाने की तैयारी में हैं। उन्होंने घोषणा की है कि वे इस पूरी साजिश के खिलाफ अदालत जाएंगे और न्याय की गुहार लगाएंगे। इसके अलावा, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर अपनी बात रखने का भी निर्णय लिया है। उनका मानना है कि यह केवल एक पारिवारिक झगड़ा नहीं है, बल्कि राजनीति में चरित्र हत्या का एक खतरनाक खेल है।

निष्कासन से लेकर नई पार्टी तक
विवाद की जड़ें 2025 के उस सोशल मीडिया पोस्ट में हैं, जिसके बाद लालू प्रसाद यादव ने कड़ा रुख अपनाते हुए तेज प्रताप को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसके बाद तेज प्रताप ने अपनी अलग पार्टी ‘जनशक्ति जनता दल’ बनाई, लेकिन चुनावी मैदान में उन्हें विशेष सफलता नहीं मिली। अब बहन रोहिणी आचार्या के तेजस्वी यादव के करीबियों पर लगाए गए आरोपों के बाद, तेज प्रताप के इस खुलासे ने आग में घी डालने का काम किया है।

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