तेजस्वी यादव का बड़ा फैसला : राजद ने 36 विधायकों का काटा टिकट और तेजप्रताप के विरुद्ध उताड़ा उम्मीदवार

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने टिकट वितरण में एक चौंकाने वाली और कठोर रणनीति अपनाई है। नामांकन के आखिरी दिन पार्टी ने अपने 143 उम्मीदवारों की सूची जारी की, जिसमें पिछली बार जीती गई सीटों पर बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया है। पार्टी ने कुल 36 सिटिंग विधायकों को बेटिकट कर दिया है, जिससे आरजेडी के भीतर ज़बरदस्त हलचल मची हुई है।

मौजूदा विधायकों को टिकट नहीं

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पिछली बार (2020 में) 144 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली RJD ने इस बार 143 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। हालांकि, 41 विधायकों पर पार्टी ने दोबारा भरोसा जताया है, जिनमें आलोक मेहता, चंद्रशेखर, यूसुफ सलाउद्दीन और चंद्रहास चौपाल जैसे दिग्गज नेता शामिल हैं। लेकिन 36 विधायकों का टिकट काटना, जो पिछली बार चुनाव लड़ने वाले विधायकों की एक बड़ी संख्या है, यह दर्शाता है कि पार्टी नेतृत्व, विशेषकर तेजस्वी यादव, असंतोष और पिछली हार के नतीजों को गंभीरता से ले रहे हैं।

तेज प्रताप की सीट पर बड़ा बदलाव
सबसे बड़ा और चर्चित फेरबदल तेज प्रताप यादव की सीट पर देखने को मिला है। पार्टी ने उनकी जगह माला पुष्पम को उम्मीदवार बनाया है, क्योंकि तेज प्रताप यादव पहले ही कह चुके है की वो महुआ से अपनी पार्टी जन शक्ति जनता दल से चुनाव लड़ेंगे अब राजद ने तेज प्रताप यादव के खिलाफ माला पुष्पम को राजद उम्मीदवार उताड़ दिया हैं।

इसके अलावा, कई महत्वपूर्ण सीटों पर भी बदलाव हुए हैं, रघुनाथपुर से सिटिंग विधायक हरिशंकर यादव का टिकट काटकर बाहुबली शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा को उम्मीदवार बनाया गया है। दिनारा से पार्टी ने सिटिंग विधायक का टिकट काटकर RJD के युवा प्रदेश अध्यक्ष राजेश यादव को मैदान में उतारा है। जहानाबाद विधायक सुदय यादव की सीट बदलकर उन्हें जहानाबाद की जगह कुर्था सीट से प्रत्याशी बनाया गया है। धौरेया से विधायक भूदेव चौधरी का टिकट भी काटा गया है।

पाला बदलने वालों का पत्ता साफ
जिन विधायकों ने हाल ही में फ्लोर टेस्ट के दौरान पाला बदलकर एनडीए का दामन थाम लिया था, उनके प्रति RJD नेतृत्व ने कोई नरमी नहीं दिखाई है। चेतन आनंद, नीलम देवी, प्रहलाद यादव, विभा देवी, संगीता देवी और प्रकाश वीर जैसे विधायकों को पार्टी ने दोबारा टिकट नहीं दिया है, जिससे यह संदेश गया है कि पाला बदलने वाले नेताओं को बख्शा नहीं जाएगा।

AIMIM से आए चार में से केवल एक को टिकट
हाल ही में AIMIM छोड़कर RJD में शामिल हुए 4 विधायकों में से केवल एक विधायक को ही टिकट मिला है। जोकीहाट से विधायक शाहनवाज आलम को टिकट दिया गया है, जो राजद के दिग्गज नेता तस्लीमुद्दीन के बेटे हैं। जबकि कोचाधामन के मोहम्मद इज़हार अस्फी, बायसी के रुकानुद्दीन अहमद और बहादुरगंज के अंज़ार नईमी का टिकट काट दिया गया है।

हार का सबक और सामाजिक समीकरण
RJD की यह कठोर रणनीति 2020 के बाद हुए उपचुनावों की हार से प्रेरित मानी जा रही है। रामगढ़, बेलागंज और कुढ़नी में पार्टी को मिली हार ने यह स्पष्ट कर दिया कि कुछ सीटों पर स्थानीय स्तर पर असंतोष और उम्मीदवार बदलने की सख्त जरूरत है।

सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश करते हुए RJD ने अपनी 143 सीटों की सूची में कुल 24 महिला उम्मीदवारों को मौका दिया है, जबकि 18 मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा गया है। RJD की यह टिकट वितरण रणनीति आगामी चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन और बिहार की राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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